भीमताल (नैनीताल)। ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों में पीलिया एवं डायरिया जैसी बीमारियों के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के कई गांवों में बीमारी फैलने की सूचना के बाद कई छात्र भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों को तीन दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
छात्रहित और जनहित को ध्यान में रखते हुए 01 सितंबर 2026 से 03 सितंबर 2026 तक तीन दिनों का अवकाश घोषित किया गया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में ज्योलीकोट, भल्यूटी, बेलुवाखान और गांजा क्षेत्र के प्रभावित शिक्षण संस्थानों को अवकाश के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्णय ब्लॉक प्रमुख भीमताल डॉ. हरीश सिंह बिष्ट द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र तथा मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। आदेश के तहत प्रभावित क्षेत्रों के प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों के साथ-साथ राजकीय इंटर कॉलेज, सेंट एन्थोनी कॉन्वेंट, हिमालयन एकेडमी, बाल संचार सैनिक स्कूल सहित अन्य संबंधित शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी तीन दिन अवकाश रहेगा।
प्रशासन और स्थानीय स्तर पर बीमारी के संभावित कारणों को नियंत्रित करने के लिए पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश सिंह बिष्ट के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर पेयजल टैंकों में आवश्यक दवाएं डालकर पानी को शुद्ध करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य दूषित पानी से संक्रमण फैलने की आशंका को कम करना और लोगों को जल्द राहत पहुंचाना है।
स्थानीय स्तर पर लोगों से भी पेयजल को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। पानी को उबालकर पीने, स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया जा रहा है।
लगातार बढ़ रहे पीलिया और डायरिया के मामलों के बीच तीन दिन स्कूल बंद रखने के फैसले को बच्चों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रशासन की कोशिश है कि इस अवधि में प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई और पेयजल शुद्धिकरण की व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को रोका जा सके और स्थिति जल्द सामान्य हो सके।










