ब्रेकिंग न्यूज़
हल्द्वानी : एसएसपी नैनीताल के निर्देशन में गौरापड़ाव डकैती कांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक और अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से लूटी गई पीली धातु की चैन व ₹15 हजार बरामदऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026 में नैनीताल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़; मुख्य सरगना समेत 6 गिरफ्ताररामगढ़ में गूंजे कृष्ण भक्ति के स्वर, भव्य झांकी में भक्ति के रंग में रंगे हरीश पनेरूनैनीताल: सेंट जेवियर्स स्कूल में गुरु-शिष्य परंपरा के साथ मनाया गया शिक्षक दिवस, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समांश्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भिंगराड़ा में उमड़ा आस्था का सैलाब, हरीश पनेरु ने कहा—लोक संस्कृति हमारी सबसे बड़ी पहचान

एसएसपी ने टीम को दिया 2500 रुपये का नकद पुरस्कार

हल्द्वानी/नैनीताल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी की सटीक रणनीति के तहत चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ में नैनीताल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुखानी पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अनधिकृत मोबाइल ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेन-देन करने वाले एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट के कथित मुख्य सरगना समेत 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह बीते करीब चार महीनों में 5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों में संलिप्त रहा है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1.18 लाख रुपये से अधिक नकदी, 11 आधुनिक स्मार्टफोन, एक लैपटॉप, एक आईपैड, 24 एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और बैंक जमा व सीडीएम पर्चियां बरामद की हैं।

5 सितंबर की रात लक्ष्मण विहार कॉलोनी में हुई छापेमारी

पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड द्वारा साइबर अपराधियों, म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अवैध नकदी निकासी के विरुद्ध राज्यव्यापी स्तर पर विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर जिले में विशेष चेकिंग और निगरानी अभियान चलाया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार 5 और 6 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि के दौरान सटीक सूचना मिलने पर लक्ष्मण विहार कॉलोनी, थाना मुखानी क्षेत्र स्थित एक मकान में संयुक्त पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी की। कार्रवाई एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी सिटी मनोज कत्याल तथा क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारियों के पर्यवेक्षण में की गई।

छापेमारी के दौरान पुलिस को एक कथित अवैध साइबर वित्तीय नेटवर्क के संचालन के संबंध में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। मौके से इंदौर निवासी राहुल यादव समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।

मामले में कोतवाली मुखानी में मु.अ.सं. 141/2026 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C), 66(D) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) और 318(4) में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ऐसे चलता था करोड़ों रुपये के लेन-देन का खेल

पुलिस जांच में सामने आए कथित तौर-तरीके के अनुसार गिरोह कई चरणों में अवैध वित्तीय नेटवर्क संचालित कर रहा था।

क्रिप्टोकरेंसी USDT की खरीद-फरोख्त

पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य संचालक राहुल यादव नकदी की व्यवस्था कर Binance ऐप के माध्यम से USDT क्रिप्टोकरेंसी खरीदता था। इसके बाद इस क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जाता था।

टेलीग्राम के जरिए मिले अनधिकृत UMASTER ऐप का इस्तेमाल

जांच में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर ‘UMASTER’ नामक एक अनधिकृत ऐप का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस के अनुसार इस ऐप के माध्यम से बिना वैध दस्तावेज, पर्याप्त केवाईसी और धन के स्रोत के सत्यापन के USDT का लेन-देन किया जाता था।

पुलिस का दावा है कि गिरोह प्रतिदिन करीब 4 से 5 लाख रुपये मूल्य की USDT को अतिरिक्त 3 प्रतिशत मुनाफे और बोनस के लालच में बेचता था।

कमीशन के लालच में जुटाए जाते थे म्यूल बैंक खाते

साइबर सिंडिकेट द्वारा स्थानीय युवाओं और अन्य लोगों को कथित तौर पर 3 प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया जाता था। गिरोह खाताधारकों से एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक भी अपने कब्जे में ले लेता था।

पुलिस के अनुसार इन खातों का उपयोग अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को अलग-अलग खातों में घुमाने और उसकी मूल पहचान छिपाने के लिए किया जाता था। साइबर अपराध की भाषा में ऐसे खातों को आमतौर पर म्यूल अकाउंट कहा जाता है।

एटीएम से निकासी और CDM के जरिए धन का ट्रांसफर

पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य म्यूल खातों से एटीएम के माध्यम से लगातार नकदी निकालते थे। अधिक नकदी होने पर कैश डिपॉजिट मशीन यानी CDM के माध्यम से धनराशि को अन्य बैंक खातों में जमा कर आगे भेजा जाता था।

आरोप है कि गिरोह खाताधारकों के सिम कार्ड भी अपने कब्जे में रखता था, ताकि बैंकिंग लेन-देन और खातों से जुड़ी गतिविधियों पर पूरा नियंत्रण बना रहे।

मुख्य सरगना राहुल यादव समेत छह गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में निम्न छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है—

राहुल यादव, उम्र 30 वर्ष, निवासी पंचवटी नगर, इंदौर, मध्य प्रदेश — पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य संचालक। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पूर्व में भी इंदौर ग्रामीण क्षेत्र में धोखाधड़ी और आपराधिक न्यासभंग से जुड़े मामले में जेल जा चुका है।

हर्षित कुमार, उम्र 26 वर्ष, निवासी गैस गोदाम रोड, शिव विहार, मुखानी, नैनीताल — एटीएम से नकदी निकालने और सीडीएम के माध्यम से जमा करने का कार्य।

कमल गोस्वामी, उम्र 21 वर्ष, निवासी तल्ली दीनी, मुक्तेश्वर, नैनीताल — कथित तौर पर कमीशन के आधार पर म्यूल खाते उपलब्ध कराने का कार्य।

साहिल कुमार, उम्र 21 वर्ष, निवासी काण्डा, बागेश्वर, हाल निवासी दमुवाढुंगा, नैनीताल — कथित रूप से म्यूल खाते उपलब्ध कराने में संलिप्त।

मोहम्मद अयान, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम कोरबकू, भोजपुर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश — पुलिस के अनुसार निवेशक के रूप में संलिप्त।

मोहम्मद शुभान, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम सलारपुरकला, संभल, उत्तर प्रदेश — पुलिस के अनुसार निवेशक के रूप में संलिप्त।

इसके अलावा पुलिस ने दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लिया है। दोनों को बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के संरक्षण में रखते हुए अग्रिम कानूनी प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस ने मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी है।

पुलिस को क्या-क्या मिला?

छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामदगी में शामिल हैं—

1,18,800 रुपये नकद

एक डेल लैपटॉप चार्जर सहित

एक एप्पल आईपैड

11 आधुनिक स्मार्टफोन, जिनमें आईफोन और सैमसंग के विभिन्न मॉडल शामिल हैं

24 सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड

12 सक्रिय सिम कार्ड

6 चेकबुक

4 बैंक पासबुक

16 बैंक जमा/सीडीएम पर्चियां

पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खातों की भी जानकारी सामने आ सकती है।

एसएसपी ने टीम को दिया 2500 रुपये का नकद पुरस्कार

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के बाद एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

कार्रवाई में मुखानी पुलिस, एसओजी नैनीताल और साइबर सेल नैनीताल की संयुक्त टीम शामिल रही।

मुखानी पुलिस टीम में उपनिरीक्षक वीरेन्द्र चन्द, कांस्टेबल सुनील आगरी और कांस्टेबल दिगम्बर ज्याला शामिल रहे।

एसओजी टीम का नेतृत्व प्रभारी एसओजी उपनिरीक्षक मोहन सौन ने किया। टीम में हेड कांस्टेबल त्रिलोक रौतेला, हेड कांस्टेबल कुन्दन कठायत, कांस्टेबल भूपेन्द्र ज्येष्ठा, भानू प्रताप ओली, अशोक रावत और अरविन्द सिंह शामिल रहे।

साइबर सेल टीम का नेतृत्व प्रभारी उपनिरीक्षक मीनू गौतम ने किया। टीम में एएसआई बिहारीलाल कुशवाहा, हेड कांस्टेबल शिवेन्द्र बोरा, हेड कांस्टेबल परमदीप सिंह और कांस्टेबल नरेन्द्र धामी शामिल रहे।

नैनीताल पुलिस की जनता से अपील

नैनीताल पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने या कमीशन एवं पैसों के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें।

पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति का बैंक खाता साइबर ठगी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त पाया जाता है तो खाताधारक के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि या साइबर ठगी की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर देने की अपील की गई है।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी : भाखड़ा नाले के विकराल रूप ने बढ़ाई चिंता, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचे शिक्षक और छात्र-छात्राएं

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.