हल्द्वानी। पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है। हल्द्वानी शहर और आसपास के इलाकों में बारिश के चलते कई गधेरे और नाले उफान पर आ गए हैं।
तेज बहाव के बीच लोगों के इन गधेरों और नालों को पार करने की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
बारिश के दौरान कई स्थानों पर गधेरों का जलस्तर अचानक बढ़ रहा है। इसके बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव के बीच इन्हें पार करने को मजबूर दिखाई दे रहे हैं।
सामने आई तस्वीरों में कुछ लोग उफनते गधेरे को पार करते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ लोग पानी के तेज बहाव में बहते हुए भी दिखाई दिए। ऐसे हालात में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
इस गंभीर स्थिति को लेकर हल्द्वानी के महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने चिंता जताई है। महापौर ने बताया कि शहर के जिस गधेरे में बारिश के दौरान खतरा लगातार बना रहता है, उसके संबंध में पूर्व में ही प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इसी गधेरे को पार करते समय पहले भी दो लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाना चिंता का विषय है।
महापौर के अनुसार, इस मामले की जानकारी कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को भी दी गई थी। कमिश्नर की ओर से बरसात शुरू होने से पहले गधेरे की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया गया था।
लेकिन अब बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और गधेरे उफान पर हैं, इसके बावजूद अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्य जमीन पर नजर नहीं आ रहा है।
महापौर ने कहा कि बरसात के दौरान गधेरों और नालों में पानी का बहाव बेहद तेज हो जाता है। ऐसे में लोगों का इन्हें पैदल या अन्य माध्यमों से पार करना बेहद खतरनाक है। प्रशासन को संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां तत्काल सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन गधेरों और नालों में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव और तेज बहाव की स्थिति पैदा होती है, वहां तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं। साथ ही प्रभावित स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था की जाए तथा स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए।

लगातार हो रही बारिश के बीच लोगों की सुरक्षा अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पूर्व में हो चुकी जनहानि के बावजूद यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो उफनते गधेरे और नाले किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।




