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देश के सबसे बड़े केंद्रीय श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिला एनबीओए प्रतिनिधिमंडल

नैनीताल बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय और अधिकारियों-कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए मांगा सहयोग

नई दिल्ली/नैनीताल। नैनीताल बैंक के भविष्य और अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर नैनीताल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एनबीओए) ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। रविवार को एनबीओए के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के शीर्ष पदाधिकारियों से मुलाकात कर नैनीताल बैंक की वर्तमान परिस्थितियों और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

नई दिल्ली स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी भवन, 27 दीनदयाल उपाध्याय मार्ग में बीएमएस कार्यालय पर आयोजित बैठक में एनबीओए प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय मजदूर संघ के संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन तथा वित्तीय क्षेत्र प्रभारी गिरीश चंद्र आर्य से भेंट की।

प्रतिनिधिमंडल में एनबीओए के महासचिव पीयूष पयाल, कोषाध्यक्ष सी. एम. रावत, सहायक महासचिव शरद दुबे और प्रखर पाटनी शामिल रहे।

बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ विलय की मांग को प्रमुखता से रखा

बैठक के दौरान एनबीओए प्रतिनिधिमंडल ने नैनीताल बैंक की मौजूदा परिस्थितियों, संस्थागत भविष्य और बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी बीएमएस पदाधिकारियों को दी।

एसोसिएशन ने विशेष रूप से नैनीताल बैंक के मूल एवं प्रवर्तक बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ विलय की मांग को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने बीएमएस से इस मांग के समर्थन में सहयोग करने और मामले को संबंधित स्तरों तक पहुंचाने का अनुरोध किया।

एनबीओए का कहना है कि नैनीताल बैंक के दीर्घकालिक भविष्य, बैंक के ग्राहकों के विश्वास और अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ विलय को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उत्तराखंड से ऐतिहासिक संबंधों को संरक्षित रखने पर जोर

प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में इस बात पर भी जोर दिया कि नैनीताल बैंक का उत्तराखंड और उसके कार्यक्षेत्र की स्थानीय जनता से गहरा एवं ऐतिहासिक संबंध रहा है। ऐसे में बैंक के भविष्य से संबंधित किसी भी निर्णय में इसकी क्षेत्रीय पहचान, ग्राहकों के विश्वास और स्थानीय स्तर पर बैंक की भूमिका को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।

एनबीओए ने कहा कि बैंक के संस्थागत हितों और उसके दीर्घकालिक विकास के साथ-साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

कर्मचारियों की सेवा निरंतरता और अर्जित लाभ सुरक्षित रखने की मांग

बैठक में एनबीओए ने स्पष्ट रूप से कहा कि नैनीताल बैंक के भविष्य से संबंधित किसी भी निर्णय की स्थिति में अधिकारियों और कर्मचारियों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

एसोसिएशन ने मांग रखी कि किसी भी संभावित विलय या पुनर्गठन की प्रक्रिया में—

अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा निरंतरता सुरक्षित रहे,

मौजूदा वेतन एवं सेवा शर्तों में कोई प्रतिकूल बदलाव न हो,

कर्मचारियों द्वारा अर्जित लाभों और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए,

तथा भविष्य की प्रक्रिया में कर्मचारी और अधिकारी संगठनों के साथ सार्थक संवाद एवं परामर्श किया जाए।

बैंकिंग क्षेत्र के मुद्दों पर बीएमएस की भूमिका का उल्लेख

एनबीओए प्रतिनिधिमंडल ने बैंकिंग क्षेत्र में भारतीय मजदूर संघ की सक्रिय भूमिका को देखते हुए नैनीताल बैंक से जुड़े मुद्दों पर सहयोग का आग्रह किया। बीएमएस और उसके संबद्ध संगठनों द्वारा बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़े विभिन्न विषयों को समय-समय पर उठाया जाता रहा है।

पेंशन अद्यतन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की चिकित्सा सुरक्षा, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था, स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा औद्योगिक संबंध बैठकों में कर्मचारी संगठनों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी बीएमएस एवं उसके संबद्ध संगठनों द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता रहा है।

एनबीओए ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर बीएमएस की भूमिका को देखते हुए नैनीताल बैंक के विलय की मांग और कार्मिकों की चिंताओं को उचित स्तर तक पहुंचाने में संगठन का सहयोग महत्वपूर्ण हो सकता है।

संस्थागत हित और कर्मचारियों का सुरक्षित भविष्य प्राथमिकता

एनबीओए ने दोहराया कि एसोसिएशन का उद्देश्य केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि नैनीताल बैंक के संस्थागत हितों और ग्राहकों के विश्वास को भी मजबूत बनाए रखना है।

एसोसिएशन ने बैंक के सुरक्षित और स्थिर भविष्य के लिए अपनी मांगों को लगातार उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। साथ ही कर्मचारी हितों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विषयों पर संगठन, संबंधित संस्थाओं और अधिकारियों के साथ निरंतर संवाद एवं परामर्श की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

एनबीओए की इस मुलाकात को नैनीताल बैंक के भविष्य को लेकर संगठन की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है, जहां बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ विलय, कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और बैंक के संस्थागत भविष्य को एक साथ प्रमुख मुद्दों के रूप में रखा गया है।

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