भीमताल में पंचायती राज अधिकारियों को एआई और डिजिटल टूल्स की ट्रेनिंग, दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला संपन्न
भीमताल। सरकारी कामकाज को अधिक आधुनिक, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार के पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, भीमताल कैंपस में आयोजित दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। कार्यशाला में पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड सरकार के 40 अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
“प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई टूल्स एंड एप्लीकेशंस” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को आधुनिक एआई तकनीक, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग तथा विभिन्न डिजिटल टूल्स के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना रहा, ताकि इन तकनीकों का उपयोग सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में प्रभावी ढंग से किया जा सके।
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला के विजन तथा भीमताल कैंपस के निदेशक के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीक के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि बदलते डिजिटल युग में एआई आधारित टूल्स सरकारी कार्यों, डेटा प्रबंधन, रिपोर्ट तैयार करने और कार्यालयीन प्रक्रियाओं को अधिक सरल, व्यवस्थित और प्रभावी बना सकते हैं।
डेटा प्रबंधन और एडवांस स्प्रेडशीट स्किल्स पर विशेष प्रशिक्षण
कार्यशाला के दूसरे दिन डेटा प्रबंधन और एडवांस स्प्रेडशीट स्किल्स पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। प्रो. (डॉ.) नवीन तिवारी ने प्रतिभागियों को एक्सेल के मूलभूत पहलुओं की जानकारी देते हुए स्प्रेडशीट प्रबंधन, डेटा एंट्री शॉर्टकट्स और फॉर्मेटिंग के व्यावहारिक तरीके बताए।
वहीं, प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार बुधानी, विभागाध्यक्ष, डीसीए ने एक्सेल फॉर्मूलों, कंडीशनल फॉर्मेटिंग और प्रोफेशनल चार्ट्स के उपयोग पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि इन डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से रिपोर्ट, बजट और विभिन्न प्रकार के आधिकारिक दस्तावेजों को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर तरीके से तैयार किया जा सकता है।
माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट के माध्यम से एआई का व्यावहारिक प्रदर्शन
कार्यशाला के दौरान प्रो. (डॉ.) जितेंद्र चौधरी ने माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट पर व्यावहारिक सत्र लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट और आउटलुक जैसे कार्यालयीन सॉफ्टवेयर में एआई के उपयोग का प्रदर्शन किया गया।

अधिकारियों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार एआई की सहायता से दस्तावेज तैयार करने, डेटा को व्यवस्थित करने, प्रस्तुतियां बनाने और ई-मेल सहित अन्य कार्यालयीन कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
डॉ. जनमेजय पंत ने एआई आधारित प्रस्तुतियां तैयार करने तथा मीटिंग ब्रीफ बनाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी। इस सत्र में प्रतिभागियों को कम समय में बेहतर गुणवत्ता वाले दस्तावेज और प्रस्तुतियां तैयार करने के लिए डिजिटल टूल्स के उपयोग से अवगत कराया गया।
प्रतिभागियों को वितरित किए गए प्रमाण-पत्र
समापन अवसर पर प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार बुधानी, विभागाध्यक्ष, डीसीए एवं कार्यशाला संयोजक ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए।
कार्यशाला में शामिल पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को उपयोगी और समय की आवश्यकता के अनुरूप बताया। अधिकारियों का कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डिजिटल टूल्स की जानकारी उनके दैनिक कार्यालयीन कार्यों को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाने में मददगार साबित होगी।
आयोजन टीम की भूमिका सराही गई
दो दिवसीय कार्यशाला के सफल आयोजन और समन्वय के लिए डॉ. श्याम एस. कापड़ी, एसोसिएट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट डीन (ट्रेनिंग एंड प्रोजेक्ट्स) की भूमिका की सराहना की गई।
कार्यक्रम के सुचारु संचालन में प्रो. संदीप कुमार बुधानी बतौर संयोजक तथा श्री गोविंद जेठी बतौर सह-संयोजक के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
यह दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला उत्तराखंड में सरकारी अधिकारियों की डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने तथा तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। माना जा रहा है कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में सरकारी सेवाओं को अधिक दक्ष, पारदर्शी और आधुनिक बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।




