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राजकीय मेडिकल कॉलेजों के पैरामेडिकल छात्रों ने मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी से की मुलाकात

 ₹15 हजार इंटर्नशिप स्टाइपेंड समेत कई मांगें उठाईं

हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल छात्र आंदोलनरत, छात्रावास, पुस्तकालय, बस सुविधा और फीस में राहत की मांग

हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत पैरामेडिकल छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर छात्र प्रतिनिधिमंडल ने 19 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड, छात्रावास, पुस्तकालय, यातायात सुविधा, शैक्षणिक संसाधनों और फीस सहित कई समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल छात्र अपनी मांगों को लेकर वर्तमान में आंदोलनरत हैं।
राज्य दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी पहुंचे और पैरामेडिकल छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इसके बाद छात्रों की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कराई गई। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों की जानकारी ली।
इंटर्नशिप के दौरान ₹15 हजार स्टाइपेंड की मांग
छात्रों ने मुख्यमंत्री के समक्ष सबसे प्रमुख मांग अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड दिए जाने की रखी। छात्रों का कहना है कि वर्तमान में पैरामेडिकल छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान कोई स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि पूर्व में उत्तराखंड में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित होने के दौरान इंटर्नशिप करने वाले छात्रों को स्टाइपेंड की सुविधा मिलती थी।
छात्रों के अनुसार कोरोना काल के बाद पैरामेडिकल कोर्स को दोबारा शुरू किया गया। कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में पैरामेडिकल स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इन पाठ्यक्रमों का पुनः संचालन किया गया, लेकिन कोर्स शुरू होने के बाद इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई।
छात्रों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान उन्हें न्यूनतम ₹15,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड उपलब्ध कराया जाए।
छात्रावास और पुस्तकालय की सुविधा का मुद्दा
छात्रों ने पर्याप्त छात्रावास सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के दौरान आवास की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कॉलेज में पर्याप्त और सुविधायुक्त पुस्तकालय की व्यवस्था उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
बस और यातायात सुविधा की भी मांग
पैरामेडिकल छात्रों ने मेडिकल छात्रों की तर्ज पर उनके लिए भी पर्याप्त बस एवं यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। छात्रों का कहना है कि अस्पताल और कॉलेज से संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों के लिए आवागमन में उन्हें परेशानी होती है।
शैक्षणिक सुविधाओं में समानता की मांग
छात्रों ने कहा कि मेडिकल छात्रों को उपलब्ध कराई जाने वाली कई मूलभूत शैक्षणिक एवं संस्थागत सुविधाएं पैरामेडिकल छात्रों को नहीं मिल रही हैं। उन्होंने पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों को भी आवश्यक शैक्षणिक संसाधन और संस्थागत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
₹50 हजार वार्षिक फीस से आर्थिक भार
सरकारी मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत पैरामेडिकल छात्रों ने वार्षिक ₹50,000 फीस का मुद्दा भी उठाया। छात्रों का कहना है कि इतनी फीस आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त आर्थिक भार बन रही है। उन्होंने फीस में राहत अथवा उचित व्यवस्था किए जाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं पैरामेडिकल छात्र
छात्रों ने अपनी मांगों के साथ यह भी बताया कि अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में पैरामेडिकल स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पैरामेडिकल क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी रक्त एवं अन्य नमूनों की प्रयोगशाला जांच, एक्स-रे, CT स्कैन, MRI सहित विभिन्न डायग्नोस्टिक सेवाओं में योगदान देते हैं। इसके अलावा रोगों के निदान से संबंधित कार्यों और ऑपरेशन थिएटर में चिकित्सकों को आवश्यक सहयोग देने में भी उनकी अहम भूमिका रहती है।
छात्रों का कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले पैरामेडिकल विद्यार्थियों को भी अध्ययन और इंटर्नशिप के दौरान आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल छात्रों का आंदोलन अब इन मांगों को लेकर जारी है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद छात्रों को उनकी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।

अब देखना होगा कि सरकार की ओर से स्टाइपेंड, छात्रावास, यातायात, पुस्तकालय, फीस और अन्य सुविधाओं को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।

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