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जीत के बाद ABVP का पट्टा पहनाने को लेकर विवाद, यतिन बोले—“टिकट दिया नहीं, अब पट्टा पहनाने क्यों आए हो?”

नैनीताल/हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय छात्र महासंघ के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी यतिन पांडे के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद नया विवाद सामने आया है। चुनाव परिणाम के बाद यतिन पांडे को फोटो खिंचवाने के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का पट्टा पहनाने को लेकर छात्र नेताओं के बीच नोकझोंक हो गई। इस पूरे घटनाक्रम के दो वीडियो सामने आने के बाद छात्र राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि यतिन पांडे को महासंघ अध्यक्ष पद पर पूर्व छात्र महासंघ अध्यक्ष हिमांशु कबड्वाल, निवर्तमान महासंघ अध्यक्ष आशीष कबड्वाल और उनके समर्थकों के सहयोग से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में निर्विरोध चुना गया। वहीं, चुनाव परिणाम के बाद ABVP की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में यतिन पांडे को संगठन का अधिकृत प्रत्याशी बताए जाने पर विवाद खड़ा हो गया।

ABVP के दावे पर यतिन ने जताई आपत्ति

चुनाव के बाद सामने आए वीडियो में यतिन पांडे को ABVP का पट्टा पहनाने की कोशिश होती दिखाई देती है। इसी दौरान यतिन पांडे ने इसका विरोध करते हुए ABVP संगठन मंत्री से कथित तौर पर कहा कि “तुमने मुझे टिकट नहीं दिया था और न ही चुनाव लड़ाया था।” इसके बाद वहां मौजूद छात्र नेताओं के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति बन गई।

यतिन पांडे का कहना था कि जब उन्हें संगठन की ओर से टिकट नहीं दिया गया और चुनाव भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ा गया, तो जीत के बाद उन्हें ABVP से जोड़ने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर मौके पर कुछ देर तक विवाद की स्थिति बनी रही।

हिमांशु कबड्वाल ने बताया निर्दलीय प्रत्याशी

पूर्व छात्र महासंघ अध्यक्ष एवं युवा कांग्रेस नेता हिमांशु कबड्वाल ने दावा किया है कि यतिन पांडे को उनके और उनके साथियों के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अध्यक्ष बनाया गया है। उनके अनुसार यतिन पांडे का चुनाव किसी संगठन के टिकट पर नहीं, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर हुआ है।

हिमांशु कबड्वाल का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान भी यतिन पांडे और उनके समर्थकों को परेशान करने तथा चुनाव टालने का प्रयास किया गया। हालांकि, उनके अनुसार पूर्व अध्यक्ष हिमांशु कबड्वाल, निवर्तमान अध्यक्ष आशीष कबड्वाल, यतिन पांडे और अन्य छात्र नेताओं ने इसका विरोध किया और चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की।

नामांकन के समय भी सामने आया था विवाद

बताया गया कि सुबह नामांकन फार्म लेने के दौरान भी यतिन पांडे, हिमांशु कबड्वाल सहित कई छात्र नेताओं को कथित तौर पर रोके जाने को लेकर विवाद हुआ था। छात्र नेताओं ने इसका विरोध किया। इसी दौरान चुनाव को टालने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया।

बाद में चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और यतिन पांडे के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद घटनाक्रम ने एक नया मोड़ ले लिया।

“बिन बुलाए बाराती, जबरन पहना दी जीत की थाती”

यतिन पांडे के निर्विरोध अध्यक्ष बनने के बाद सामने आए घटनाक्रम को लेकर छात्र राजनीति में इसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक ओर ABVP की ओर से उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी बताए जाने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर यतिन पांडे और उनके समर्थकों की ओर से उन्हें निर्दलीय प्रत्याशी बताया जा रहा है।

पूरे विवाद का केंद्र अब यही सवाल बन गया है कि निर्विरोध निर्वाचित हुए यतिन पांडे को चुनाव के बाद ABVP का पट्टा पहनाने की कोशिश क्यों की गई और क्या वे संगठन के अधिकृत प्रत्याशी थे या निर्दलीय उम्मीदवार। इसको लेकर छात्र नेताओं के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

फिलहाल, यतिन पांडे के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद सामने आए इस विवाद ने कुमाऊं विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में नया सियासी मोड़ ला दिया है।

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