SIR से हो रहा मतदाता सूची का शुद्धिकरण, एक से अधिक जगह वोट देने वालों के नाम हटेंगे: मुख्यमंत्री धामी
चंपावत/बनबसा। उत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर तीखा पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश में अब तक 21 बार SIR की प्रक्रिया की जा चुकी है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा इस बार ही सवाल उठाए जाने पर उन्होंने विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े किए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को व्यवस्थित और शुद्ध करना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि “क्यों कोई बांग्लादेशी हमारे देश में वोट करे?” उन्होंने कहा कि SIR के माध्यम से ऐसे लोगों के नामों की जांच की जा रही है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, जबकि एक से अधिक स्थानों पर वोटर के रूप में दर्ज लोगों के नामों को भी नियमानुसार ठीक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग ऐसे हैं, जिनके नाम दो से तीन स्थानों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। SIR के माध्यम से ऐसे नामों को चिह्नित कर अतिरिक्त स्थानों से हटाया जा रहा है। इसी तरह विवाह के बाद दूसरे स्थान पर चली गई बेटियों के मतदाता विवरण को भी उनके नए निवास स्थान के अनुसार अपडेट किया जाना चाहिए।
‘गलत तरीके से चुनाव प्रभावित करने वालों को हो रही परेशानी’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मतदाता सूची के इस शुद्धिकरण अभियान से उन्हीं लोगों को परेशानी हो रही है, जो गलत तरीके से वोटों के माध्यम से चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास करते थे। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग नियमों और कानून के तहत मतदाता सूची को दुरुस्त करने का कार्य कर रहा है तो विपक्ष को इससे परेशानी क्यों हो रही है।
उन्होंने विपक्ष से संस्थाओं को अपना काम करने देने की अपील करते हुए कहा कि देश की संवैधानिक संस्थाएं अपने नियमों और कानूनों के अनुसार कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि “जब सही मायने में शुद्धिकरण हो रहा है और वैध तरीके से व्यवस्था के तहत कार्य किया जा रहा है तो इस प्रकार की अराजकता फैलाना और बयानबाजी करना उचित नहीं है।”
‘कभी EVM तो कभी अदालतों पर सवाल उठाता है विपक्ष’
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष कभी EVM को लेकर सवाल उठाता है तो कभी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाता है। उन्होंने कांग्रेस पर सेना और देश की सुरक्षा से जुड़े लोगों के प्रति आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से दिवंगत जनरल बिपिन रावत को लेकर पूर्व में की गई कथित टिप्पणी को देश ने देखा है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की कथित टिप्पणियों का भी उल्लेख किया और कहा कि देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों के प्रति इस तरह की भाषा उचित नहीं है।
‘उत्तराखंड देश को हर पांचवां सैनिक देता है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देश की सुरक्षा और सैन्य परंपरा से जुड़ी हुई है। प्रदेश के लोग सेना और देश की रक्षा के लिए हमेशा आगे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश को हर पांचवां सैनिक देने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग स्वाभिमानी हैं और भले ही हर बात खुलकर न कहें, लेकिन वे सब कुछ अपने दिल में रखते हैं।
‘नेता की जगह कॉमेडियन बन चुके हैं’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां को लेकर जिस तरह की टिप्पणियां और कथित राजनीतिक प्रदर्शन किए गए, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस तरह की राजनीति से बचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि “अब ये लोग नेता की जगह कॉमेडियन बन चुके हैं।”
SIR को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुख बनबसा में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान काफी आक्रामक नजर आया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण संवैधानिक व्यवस्था के तहत होने वाली प्रक्रिया है और इसे लेकर अनावश्यक भ्रम या राजनीतिक बयानबाजी उचित नहीं है।

