चाँदनी चौक घुड़दौड़ा शाखा में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को बीमा, जमा और ऋण योजनाओं के बारे में किया जागरूक
हल्द्वानी। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की चाँदनी चौक घुड़दौड़ा शाखा की ओर से वित्तीय जागरूकता एवं साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उपस्थित लोगों को बैंक की विभिन्न जमा, बीमा एवं ऋण योजनाओं के साथ ही केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए।
कार्यक्रम के दौरान शाखा प्रबंधक गोपाल कृष्ण ने ग्रामीणों को बैंक की विभिन्न वित्तीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बैंकिंग सेवाओं का सही लाभ उठाने के लिए लोगों को सरकारी योजनाओं, बीमा सुविधाओं और बचत के महत्व के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने पात्र व्यक्तियों से अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़ने का आग्रह किया, ताकि जरूरत के समय उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों और ग्रामीणों को बैंक की जमा योजनाओं तथा ऋण सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि बैंकिंग योजनाओं का लाभ उठाकर ग्रामीण अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय प्रबंधन कर सकते हैं।
डिजिटल बैंकिंग के साथ साइबर सुरक्षा पर दिया जोर
वित्तीय जागरूकता सलाहकार बीडी नैनवाल ने डिजिटल बैंकिंग, फोन बैंकिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से बैंकिंग सेवाओं के इस्तेमाल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डिजिटल बैंकिंग से घर बैठे कई बैंकिंग कार्य आसानी से किए जा सकते हैं, लेकिन इन सुविधाओं का उपयोग करते समय सतर्कता बरतना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने लोगों को आगाह किया कि वे अपनी बैंकिंग से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या झूठे दावे पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
बीडी नैनवाल ने विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी के प्रति लोगों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सावधानी ही ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के प्रभावी उपाय हैं। लोगों को अपनी निजी एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी गोपनीय रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी गई।
महिलाओं और ग्रामीणों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की पहल
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों, विशेषकर महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को बैंकिंग सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूक करना रहा। इस प्रकार के कार्यक्रमों से ग्रामीणों को वित्तीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, सुरक्षित बैंकिंग अपनाने और साइबर अपराधों से बचने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में ब्लॉक क्लस्टर कोऑर्डिनेटर हेमा सिंह, बैंक सखी चंद्रकला, कृषि विभाग से भास्कर और तुषार के साथ तरुण रावत, हेमा बिष्ट, लक्ष्मी, लीला देवी, हिमानी बिष्ट सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

