भाई की फटकार के बाद कमरे में गई थी किशोरी, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने किया मृत घोषित; पिता को पहले ही खो चुका था परिवार

लालकुआं। सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर भाई की फटकार के बाद लालकुआं क्षेत्र में एक 14 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। छोटी उम्र में हुई इस दुखद घटना ने परिजनों और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। घटना ने एक बार फिर किशोरावस्था में बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार, सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और परिवार के भीतर संवाद की अहमियत को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालकुआं नगर से सटे वीआईपी गेट स्थित वर्मा कॉलोनी निवासी स्वर्गीय संजय सक्सेना की 14 वर्षीय पुत्री राखी सक्सेना बिंदुखत्ता स्थित एक निजी विद्यालय में कक्षा आठ में पढ़ती थी। बताया जा रहा है कि राखी सोशल मीडिया पर रील बनाने में रुचि रखती थी। इसी बात को लेकर उसके 16 वर्षीय बड़े भाई ने उसे फटकार लगाई थी।

बताया गया है कि भाई की फटकार के बाद किशोरी अपने कमरे में चली गई। कुछ समय बाद वह कमरे में पंखे के कुंडे से फंदे पर लटकी मिली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किशोरी को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय भिजवाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पिता की मौत के बाद मां संभाल रही थीं परिवार की जिम्मेदारी

इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, राखी के पिता संजय सक्सेना का पहले ही निधन हो चुका था। इसके बाद उसकी मां ममता सक्सेना सिडकुल स्थित एक कंपनी में मजदूरी कर अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं। परिवार की आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच मां अपने बच्चों का भविष्य संवारने में जुटी थीं, लेकिन बेटी की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

बेटी की मौत के बाद मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस घर में बच्चों के भविष्य को लेकर उम्मीदें और सपने संजोए जा रहे थे, वहां अब मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

किशोरों के साथ संवाद और संवेदनशीलता जरूरी

यह घटना किशोरावस्था में बच्चों के व्यवहार, उनकी रुचियों और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर परिवारों में संवाद की आवश्यकता की ओर ध्यान दिलाती है। किशोर उम्र में बच्चे भावनात्मक बदलावों से गुजरते हैं। ऐसे में उनके साथ बातचीत करते समय धैर्य, समझदारी और संवेदनशीलता बरतना बेहद जरूरी है। अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उनकी भावनाओं और समस्याओं को समझने का प्रयास भी करना चाहिए।

सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस तरह किया जाए, इसे लेकर बच्चों को जागरूक करना और उनके साथ खुलकर बातचीत करना महत्वपूर्ण है। किसी भी विवाद या तनाव की स्थिति में बच्चों की बात सुनना और उन्हें भावनात्मक सहयोग देना जरूरी है।

फिलहाल, इस दुखद घटना से परिवार गहरे सदमे में है। किशोरी की मौत से जुड़े सभी पहलुओं को समझना आवश्यक है। घटना को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच और अन्य तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

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