गौलापार के दनाई गांव में 25 महिलाओं को दिया जा रहा जूट बैग निर्माण एवं सिलाई का प्रशिक्षण, स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बनाने की पहल

हल्द्वानी। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भूमि संस्था द्वारा जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से ग्राम दनाई, गोलापार में 21 दिवसीय जूट बैग निर्माण एवं सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र की 25 महिलाओं को जूट बैग बनाने और सिलाई से संबंधित विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपनी आजीविका को मजबूत कर सकें और रोजगार के नए अवसर हासिल कर सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को जूट बैग निर्माण एवं सिलाई का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं के कौशल का विकास कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं अपने हुनर को निखारकर भविष्य में छोटे स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू करने की दिशा में भी आगे बढ़ सकती हैं।

भूमि संस्था की अध्यक्ष भावना पांडे ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी महिलाएं पूरी मेहनत, लगन और उत्साह के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण में सीखे गए कौशल का उपयोग अपनी आजीविका बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के वित्तीय जागरूकता सलाहकार बीडी नैनवाल ने भी महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, अटल पेंशन योजना और वित्तीय समावेशन के माध्यम से रोजगार सृजन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इसके साथ ही उन्होंने बैंक की विभिन्न ऋण एवं जमा योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए महिलाओं को वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरूक किया।

प्रशिक्षण शिविर में मास्टर ट्रेनर ममता पंत द्वारा महिलाओं को जूट बैग निर्माण और सिलाई का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में पुष्पा देवी, भागीरथी, किरण आर्य, सरिता सहित अनेक ग्रामीण महिलाएं शामिल रहीं। भूमि संस्था और जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से संचालित यह पहल ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है।

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