प्रसव के बाद बिगड़ी 26 वर्षीय महिला की हालत, कुछ देर बाद तोड़ा दम; मौत की असली वजह जानने के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार

पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल की प्रसव सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसव के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने और कुछ ही देर में उसकी मौत हो जाने से परिजनों में शोक का माहौल है। वहीं, नवजात के मृत पैदा होने की बात भी सामने आई है। फिलहाल महिला की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

नवजात की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसी बीच प्रसव के कुछ समय बाद रेखा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उसे ऑपरेशन थियेटर से सामान्य वार्ड में लाया गया। हालांकि, कुछ ही देर बाद महिला ने भी दम तोड़ दिया। मां और नवजात की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया।

महिला की मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं

घटना के बाद महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी। प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महिला की हालत अचानक क्यों बिगड़ी और उसे बचाने के लिए किस प्रकार का उपचार किया गया, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने भी मामले की जानकारी होने से इनकार किया। वहीं, अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. भागीरथी गब्र्याल से संपर्क नहीं हो सका। बताया गया कि परिजन महिला का पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को घर ले गए।

जिला महिला अस्पताल में हुई इस घटना ने गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रसव के बाद अचानक उत्पन्न होने वाली गंभीर परिस्थितियों से निपटने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रसव के बाद यदि महिला को अत्यधिक रक्तस्राव हुआ था, तो उसकी स्थिति कितनी गंभीर थी और समय पर किस तरह की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु हो सकता है।

हालांकि, जांच पूरी होने से पहले अस्पताल के किसी कर्मचारी या चिकित्सक की लापरवाही को घटना का कारण मानना उचित नहीं होगा। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं। रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की हालत बिगड़ने के पीछे क्या कारण थे और उपचार के दौरान किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई।

फिलहाल इस दर्दनाक घटना ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। साथ ही, जिला महिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और प्रसव के दौरान तथा उसके बाद मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  राजीव नगर बिंदुखत्ता में रामलीला के तृतीय दिवस का शुभारंभ, सुरेंद्र सिंह लोटनी ने किया दीप प्रज्वलित
❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.