नैनीताल। सेंट जॉन्स स्कूल नैनीताल में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा तथा कानून के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नैनीताल श्री आलोक राम त्रिपाठी, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुमार के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों एवं उनकी सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
इस दौरान बच्चों को पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act), 2012 के बारे में विस्तार से बताया गया तथा अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच अंतर समझाते हुए किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी गई।
शिविर में विद्यार्थियों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने, सम्मान पाने तथा अपनी बात खुलकर कहने का अधिकार है। किसी भी प्रकार की परेशानी या असुरक्षित स्थिति में बच्चों को अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही बाल हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं आपातकालीन सहायता नंबर 112 की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर पीएलवी जानकी बिष्ट, पीएलवी विनीता आर्य एवं विद्यालय की उप प्रधानाचार्या पूनम बिष्ट, ज्योति त्रिपाठी, अनीता बोरा, आशा जोशी, लता फर्त्याल, रुचि साह, विक्रम सिंह रावत, किरण मेर, पल्लवी जोशी, किरण रतूड़ी, शाहीन, पूजा आर्या, लवी जोशी, तुलसी, पूनम, रेनू एवं समस्त कार्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए आयोजित इस शिविर में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, गलत परिस्थितियों को पहचानने तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।

