पीएम-उषा मेरू योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में नेशनल टेस्ट हाउस और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन, करीब 120 विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग
नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बाद रोजगार एवं करियर के विभिन्न अवसरों से परिचित कराने के उद्देश्य से पीएम-उषा (PM-USHA) मेरू योजना के अंतर्गत दो दिवसीय करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को सरकारी और निजी क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं, विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों तथा भविष्य में करियर निर्माण के लिए आवश्यक कौशल की जानकारी दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप सही करियर विकल्प चुनने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ नेशनल टेस्ट हाउस (एनटीएच) के वैज्ञानिक-डी राजेश कुमार, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महेश जोशी तथा डीएसबी परिसर के निदेशक प्रो. संजय पंत सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान कार्यक्रम की सफलतापूर्वक संपन्नता के लिए प्रार्थना भी की गई।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्लेसमेंट सेल की निदेशक प्रो. गीता तेवारी ने अतिथियों एवं वक्ताओं का स्वागत किया। उन्होंने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले हस्तनिर्मित गमले भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार के विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी, कौशल विकास और सही समय पर करियर संबंधी निर्णय लेना भी बेहद आवश्यक है। इस तरह के मार्गदर्शन कार्यक्रम विद्यार्थियों को उपलब्ध विकल्पों को समझने और अपने भविष्य की दिशा निर्धारित करने में सहायता प्रदान करते हैं।
प्लेसमेंट सेल के उपनिदेशक डॉ. गिबू साबू ने कार्यक्रम का समन्वय करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग की आवश्यकता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को समझने तथा रोजगार की तैयारी के लिए व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर पीएम-उषा मेरू की नोडल अधिकारी प्रो. सूची बिष्ट ने योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने और अपने ज्ञान, कौशल एवं क्षमताओं को विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगारपरक दक्षताओं को विकसित करने में भी मददगार साबित होते हैं।
कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में नेशनल टेस्ट हाउस के वैज्ञानिक-डी राजेश कुमार और ऋतुराज श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नेशनल टेस्ट हाउस में युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी देने के साथ ही सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक रहते हुए अपने ज्ञान और कौशल को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।
फोरेंसिक विज्ञान में बढ़ते अवसरों से कराया परिचित
द्वितीय तकनीकी सत्र में राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महेश जोशी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षा के साथ निरंतर सीखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए भारत में फोरेंसिक विज्ञान के बढ़ते महत्व और आधुनिक न्याय व्यवस्था में इसकी भूमिका की जानकारी दी।
प्रो. जोशी ने निर्भया प्रकरण सहित चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए समझाया कि अपराधों की जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि फोरेंसिक विज्ञान आधुनिक जांच प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा बन चुका है और इसके माध्यम से अपराधों से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों की वैज्ञानिक पड़ताल में सहायता मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं से भी परिचित कराया और शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान तथा विशेषज्ञता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक और शोधार्थियों सहित करीब 120 विद्यार्थियों ने किया प्रतिभाग
दो दिवसीय कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. ललित मोहन तिवारी, वाणिज्य संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. विजय कुमार, कृषि संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. एल.एस. लोधियाल, प्रो. अमित जोशी, डॉ. गीता तेवारी, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. गिबू साबू, डॉ. गिरीश, डॉ. राशि और डॉ. नगमा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त शोधार्थी लता नितवाल, भावना पांडे, पूजा, गौरव रावत, अंकिता और श्रेया जुकरिया सहित करीब 120 विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार के पारंपरिक विकल्पों के साथ-साथ विज्ञान, तकनीकी शिक्षा और फोरेंसिक जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को अपने भविष्य की योजना बनाने और रोजगार के लिए आवश्यक तैयारी की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

