नैनीताल में धूमधाम से मनाया गया करवा चौथ का पर्व, खराब मौसम के बीच दिखा चांद
पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, चांद की पूजा कर तोड़ा उपवास
रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में करवा चौथ का पर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही पर्व को लेकर घरों में विशेष तैयारियां देखने को मिलीं।
महिलाओं ने हाथों में आकर्षक मेहंदी लगवाई और पारंपरिक परिधानों एवं आभूषणों से सजकर करवा चौथ की पूजा-अर्चना की।
करवा चौथ को लेकर महिलाओं की तैयारियां कई दिन पहले से ही शुरू हो जाती हैं। बाजारों में खरीदारी के साथ ही साड़ी, आभूषण, पूजा सामग्री और अन्य आवश्यक सामान की खरीदारी की जाती है।
महिलाओं के लिए यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और वैवाहिक रिश्तों को मजबूत करने का भी खास अवसर होता है।
हालांकि, इस बार नैनीताल में मौसम ने महिलाओं के इंतजार को थोड़ा लंबा कर दिया। रात के समय आसमान में घने बादल छाए रहे और चांद बादलों के बीच लुका-छिपी करता नजर आया।
चांद के दर्शन को लेकर महिलाएं लगातार आसमान की ओर निहारती रहीं। खराब मौसम और बादलों के बावजूद महिलाओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
जैसे ही बादलों के बीच चांद नजर आया, महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना की और पति के हाथों से व्रत खोलकर पर्व का समापन किया।
इस दौरान ममता जोशी ने बताया कि करवा चौथ का उन्हें पूरे साल इंतजार रहता है। यह व्रत पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है और महिलाओं के लिए इसका विशेष महत्व है।
वहीं पूजा पालीवाल ने बताया कि करवा चौथ की तैयारियां लगभग एक सप्ताह पहले से शुरू हो जाती हैं। महिलाएं इस पर्व के लिए जेवर, साड़ियां और उपहारों की खरीदारी करती हैं। पूरे साल इस दिन का इंतजार रहता है और पर्व को लेकर घरों में विशेष उत्साह रहता है।
कुल मिलाकर खराब मौसम और आसमान में छाए बादलों के बीच भी नैनीताल में करवा चौथ का पर्व प्रेम, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। चांद के दीदार के साथ ही सुहागिन महिलाओं के चेहरे खिल उठे।


