उत्कृष्ट सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम योगदान के लिए दोनों पुलिस अधिकारियों को मिला सम्मान, पुलिस विभाग में खुशी की लहर
देहरादून/नैनीताल। उत्तराखण्ड पुलिस के लिए गौरव का विषय है कि प्रदेश के दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा, कार्यकुशलता और कानून व्यवस्था बनाए रखने में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र (IPS) को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया, जबकि एसपी हल्द्वानी हरबन्स सिंह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए गोल्ड मेडल प्रदान कर अलंकृत किया गया।
दोनों अधिकारियों को मिले इस सम्मान से उत्तराखण्ड पुलिस विभाग में हर्ष का माहौल है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश पुलिस की कार्यशैली, समर्पण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हुए डॉ. जगदीश चन्द्र
शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन, देहरादून में उत्तराखण्ड पुलिस के राष्ट्रपति पुलिस निशान अलंकरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात, नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र (IPS) को पदक प्रदान कर सम्मानित किया।
डॉ. जगदीश चन्द्र ने अपने सेवाकाल के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, पुलिसिंग में दक्षता तथा अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी सेवाओं को देखते हुए प्रदान किया गया यह सम्मान उनके समर्पण और कार्यक्षमता का प्रतीक है।
एसपी हरबन्स सिंह को गोल्ड मेडल, सूझबूझ से टाला था बड़ा विवाद
वहीं, एसपी हल्द्वानी हरबन्स सिंह को प्रदेश में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा संवेदनशील परिस्थितियों में धैर्य और कुशल नेतृत्व का परिचय देने के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र नैनीताल निवेदिता कुकरेती ने उन्हें गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके उस सराहनीय योगदान के लिए दिया गया, जिसमें उन्होंने संवेदनशील परिस्थितियों को बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उल्लेखनीय है कि रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में सिख समुदाय के कुछ लोगों द्वारा असंतोष व्यक्त करते हुए प्रवेश कर लिया गया था। इस दौरान स्थिति संवेदनशील हो गई थी और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। ऐसे समय में हरबन्स सिंह ने धैर्य, संयम और संवाद कौशल का परिचय देते हुए संबंधित लोगों को समझाया और शांतिपूर्ण तरीके से गुरुद्वारे से बाहर निकलवाया।
इसके अतिरिक्त निहंगों द्वारा उग्र होकर अपने जत्थे के साथ विरोध स्वरूप पांवटा साहिब जाने का प्रयास भी किया गया। इस चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में हरबन्स सिंह ने प्रभावी संवाद और सूझबूझ का परिचय देते हुए रास्ते में ही स्थिति को नियंत्रित किया और जत्थे को शांतिपूर्ण तरीके से वापस भेजा।
उनकी तत्परता और कुशल रणनीति के चलते किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में सफलता मिली।
पुलिस अधिकारियों के सम्मान से बढ़ा प्रदेश का गौरव
उत्तराखण्ड पुलिस के इन दोनों अधिकारियों को मिले सम्मान को पुलिस विभाग की उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति और जनसेवा के प्रति समर्पण के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. जगदीश चन्द्र को सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक तथा हरबन्स सिंह को संवेदनशील परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्यकुशलता के लिए गोल्ड मेडल मिलना प्रदेश पुलिस के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
इन सम्मानों से पुलिसकर्मियों को भी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।














