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जिला पंचायत अध्यक्ष पिथौरागढ़ दीपिका बोरा द्वारा अपने पद का दुरुपयोग व भ्रस्टाचार करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका में की सुनवाई  

रिपोर्टर – गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने जिला पंचायत अध्यक्ष पिथौरागढ़ दीपिका बोरा द्वारा अपने पद का दुरपयोग व् भ्रस्टाचार करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए सरकार को निर्देश दिए हैं कि मामले की जाँच नियमावली के अनुसार कमिश्नर या किसी सक्षम एजेंसी से कराएं।

सुनवाई पर आज सरकार की तरफ से कहा गया कि मामले की प्राथमिक जाँच में घपले की पुष्टि हुई है। जिसपर याचिकाकर्ता कि तरफ से कहा गया कि वे इस मामले की अंतिम जाँच कमिश्नर या किसी अन्य एजेंसी से कराना चाहते हैं।

जिसपर कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि मामले की जाँच कमिश्नर या किसी सक्षम एजेंसी से नियमावली के अनुसार कराएं। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में हुई।

 आपको बता दे कि दिनेश सिंह बिष्ट निवासी नैनी सैनी पिथौरागढ़ ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा ने अपने पद का दुरपयोग करने के साथ साथ भृस्टाचार किया है। उन्होंने पद का दुरपयोग करते हुए कई सरकारी ठेकों का टेंडर अपने पिता के नाम जारी किए हैं।

जब इसकी शिकायत उनके द्वारा सचिव पंचायतीराज से की गई तो सचिव पंचायतीराज ने इस प्रकरण की जांच करने हेतु 26 जून 2023 को जिला अधिकारी से कहा।

परन्तु जिला अधिकारी ने इसपर कोई जांच नही की। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि इस मामले की जाँच शीघ्र कराई जाय और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाय।

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