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ऋषिकेश। एम्स में एक फर्जी चिकित्सक को युवक को स्टॉफ ने पकड़ा है। युवक के मोबाइल जांच में कई फर्जी दस्तावेज और लाखों की ट्रांजेक्शन सामने आई है। पकड़े गए युवक ने अपना नाम सचिन कुमार निवासी कृष्णानगर कॉलोनी ऋषिकेश बताया।

पुलिस जांच में युवक ने बताया कि वह कोविड -19 के दौरान डीआरडीओ के द्वारा तैयार किए गए अस्पताल में बतौर हॉस्पिटल अटेंडेंट के रूप में काम कर चुका है। उसकी जेब से 10 हजार की नकदी भी मिली है।

पुलिस गहनता से इस मामले की जांच कर रही है। आज सुबह एक युवक डॉक्टर की यूनिफॉर्म पहनकर घूम रहा था और इस दौरान जब एम्स के सेवा वीर टीम में शामिल कर्मियों और सुरक्षा कर्मियों ने पूछताछ की तो उसने खुद को न्यूरोलॉजी विभाग का डॉक्टर बताया।

वहीं मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर एम्स के प्रशासनिक अधिकारी और कानूनी अधिकारी मौके पर आए और उससे पूछताछ की जिसमें युवक फंस गया जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी संदीप कुमार ने एम्स चौकी पुलिस को लिखित शिकायत दी। फिलहाल पुलिस तफ्तीश में जुटी है और युवक के मोबाइल पर मिले फर्जी दस्तावेजों और लाखों की ट्रांजेक्शन को मद्देनजर रखते हुए पड़ताल कर रही है।

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