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हल्द्वानी। जल निगम और जलसंस्थान संयुक्त मोर्चा के विभागीय कार्यों को एडीबी को देने के विरोध में कर्मियों ने शनिवार को धरना प्रदर्शन किया।

उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष शीतल साह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने तिकोनिया स्थित कार्यालय में 2 घंटे प्रदर्शन कर प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया कर्मचारियों ने कहा कि शहरी विकास विभाग द्वारा निर्माण और संचालन विशेषज्ञ विभाग उत्तराखण्ड पेयजल निगम व उत्तराखण्ड जलसंस्थान को खत्म करने की साजिश की जा रही है।

कहा कि एक ओर एकीकरण/राजकीयकरण शासन स्तर से विलम्ब होने से उत्तराखण्ड पेयजल निगम सभी कार्मिक निराश हैं वहीं शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित संस्था UUSDA के द्वारा मूल अभियांत्रिकी विभागों के कार्यक्षेत्र में अतिक्रमण किये जाने से सभी कार्मिक अत्यधिक आक्रोश में हैं।

वक्ताओं ने कहा कि संस्था के अन्तर्गत कार्यरत अधिकांश अभियन्ता उनके द्वारा धारित पद के अनुरूप आवश्यक न्यूनतम तकनीकी अर्हता एवं सीवरेज/पेयजल का अनुभव नही रखते हैं परिणामतः उक्त संस्था द्वारा कराये जा रहे कार्यों की गुणवत्ता स्तरीय नहीं पायी गयी।

जिस काराण निर्माण कार्यों में लापरवाही व तकनीकी अज्ञानता के कारण जहां शासकीय धन की बर्बादी हो रही है वही अनियोजित एवं त्रुटिपूर्ण निर्माण कार्यों के कारण आम जनता को असुविधा होगी और सरकार की छवि भी खराब होगी।

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