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रामनगर। वनप्रभाग की कोसी रेंज स्थित चुकुम गांव में 60 वर्षीय गोपाल राम को मौत के घाट उतारने वाले बाघ को वन विभाग ने 24 घंटे के भीतर ही रेस्क्यू कर लिया है।

वन विभाग की टीम ने बाघ के सैंपल लेकर जांच के लिए सीसीएमबी हैदराबाद भेज दिये है। साथ ही बाघ को कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के ढेला रेंज स्थित ढेला रेस्क्यू सेंटर में भेज दिया गया है।

रामनगर वनप्रभाग के डीएफओ दीगांत नायक ने बताया कि बीते दिन चुकुम गांव में बाघ के हमले की घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से ही बाघ को ट्रेकुलाइज करने की कार्रवाई शुरू दी थी। 

उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर बाघ को पकड़ने के लिए घटना वाले क्षेत्र के पास दो पिंजरे भी लगाने के साथ ही वनकर्मियो की चार टीमों को गठित कर बाघ को ट्रेंकुलाइज करने की कार्रवाई हमारे द्वारा शुरू कर दी थी,वहीं बाघ की लगातार मोनिटरिंग भी हमारे वन कर्मियों द्वारा की जा रही थी,

उन्होंने बताया कि बाघ ने बीती देर रात भी एक मवेशी को अपना निवाला बनाय था,बाघ की लगातार घटनाओं के बाद 24 घंटे के भीतर ही देर रात 3बजे बाघ को चुकुम गांव से ट्रेकुलाइज कर लिया है।

उन्होंने बताया की बाघ की उम्र लगभग तीन साल की है,बाघ को रेस्क्यू ढेला सेंटर भेज दिया है। जहां बाघ के ब्लड सैंपल लेकर सीसीएमबी हैदराबाद जांच के लिए भेज दिए हैं।

जिससे यह भी साफ हो जाएगा कि उक्त बाघ ही बुजुर्ग को निवाला बनाने का जिम्मेदार है।उन्होंने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही की कार्रवाई की जाएगी। 

साथ ही डीएफओ ने अपनी टीम के रेंजर शेखर तिवारी , वन दरोगा वीरेंद्र पांडे,दिगपाल नेगी आदि वन कर्मियों को बधाई दी।

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