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हलद्वानी। बनभूलपूरा में हुई हिंसा में घायल एक और व्यक्ति की मंगलवार को यहां एक अस्पताल में मौत हो गई। इसके साथ ही हलद्वानी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई।

बनभूलपुरा इलाके में आठ फरवरी को अवैध रूप से बने मदरसे को तोड़ने पर हिंसा भड़क गई थी।

हिंसा में अब तक पुलिसकर्मियों तथा मीडियाकर्मियों सहित 100 से अधिक लोग घायल

पुलिस के अनुसार, हिंसा में छह दंगाई मारे गए और पुलिसकर्मियों तथा मीडियाकर्मियों सहित सौ से अधिक लोग घायल हो गए। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि हिंसा में गोली लगने से घायल हुए 50 वर्षीय मोहम्मद इसरार की सुशीला तिवारी अस्पताल में मौत हो गई, जहां उसका इलाज चल रहा था। हिंसा में इशरार के सिर में गोली लगी थी, जो सिर के आर-पार हो गई थी।

हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 6 हुई

एसएसपी प्रहलाद मीणा ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इसरार के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक और व्यक्ति की मौत से हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। हालांकि, हिंसा के एक दिन बाद छह शव बरामद किए गए थे, लेकिन राज्य के शीर्ष अधिकारियों ने तब शहर में उस घटना में मरने वालों की संख्या पांच बताई थी। एसएसपी ने बाद में संवाददाताओं से कहा था कि गोली के घाव वाला छठा शव हिंसा स्थल से दो या तीन किलोमीटर दूर पाया गया था और इसका घटना से कोई संबंध नहीं हो सकता है।

मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई के बाद ही इलाके में भड़क गई थी हिंसा

पुलिस ने कहा कि छह और लोगों की गिरफ्तारी के बाद हिंसा के सिलसिले में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या 36 हो गई है। इस बीच, मदरसे को ध्वस्त करने के नगर निगम के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तराखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई से एक दिन पहले मंगलवार को बनभूलपुरा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।

मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई के बाद ही इलाके में हिंसा भड़क गई थी। हिंसा से प्रभावित बनभूलपुरा में आठ फरवरी से कर्फ्यू लगा है। हिंसा में पुलिस कर्मियों और नगर निगम कर्मियों पर हमला किया गया था और एक पुलिस थाने में आग लगा दी गई थी।

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