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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में 17 अहम फैसलों पर मुहर लगी। इन निर्णयों का असर परिवहन, शिक्षा, वन, खनन, आबकारी और कार्मिक समेत कई विभागों पर पड़ेगा।

परिवहन को मिली मजबूती

कैबिनेट ने 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी है। साथ ही पहले स्वीकृत 100 बसों की संख्या बढ़ाकर 109 कर दी गई है, जिसका कारण जीएसटी दर में 28% से 18% की कमी बताया गया। इसके अलावा उत्तराखंड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को भी मंजूरी मिली, जिसके तहत परिवहन विभाग के प्रवर्तन चालकों की वर्दी अब पुलिस चालकों की तर्ज पर होगी।

कुंभ-2027 की तैयारियों को रफ्तार

कुंभ मेला 2027 हरिद्वार की तैयारियों के लिए स्वीकृति प्रक्रिया को सरल किया गया है। अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेलाधिकारी और 5 करोड़ रुपये तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त स्तर पर स्वीकृत होंगे।

वन विभाग में नीति और भर्ती बदलाव

कैबिनेट ने नई मौन पालन (मधुमक्खी) आधारित आजीविका नीति को मंजूरी दी है, जिससे वन सीमांत क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेगा और मानव-हाथी संघर्ष कम होगा।

साथ ही उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन कर वन दरोगा के लिए न्यूनतम योग्यता इंटर से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है।

शिक्षा क्षेत्र में बड़े निर्णय

राज्य के 400 से अधिक मदरसों को राहत देते हुए कक्षा 1 से 8 तक की मान्यता अब जिला स्तर पर दी जाएगी, जबकि 9 से 12 तक के स्कूलों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से संबद्धता लेनी होगी।

इसके अलावा संस्कृत शिक्षा सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी, विशेष शिक्षा शिक्षकों की भर्ती के लिए नए मानक तय, और उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का विस्तार 21 अशासकीय महाविद्यालयों तक किया गया है।

खनन और आबकारी में संशोधन

खनिज रॉयल्टी दर ₹7 से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल कर दी गई है। वहीं आबकारी नीति के तहत 6% वैट को वाणिज्य कर नियमावली में लागू करने को मंजूरी दी गई।

कार्मिक और विधिक सुधार

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली में संशोधन कर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को पदेन सदस्य बनाया गया है। साथ ही एसिड अटैक पीड़ितों को मुफ्त कानूनी सहायता के दायरे में शामिल किया गया है।

विभिन्न विभागों में प्रतीक्षा सूची के लिए स्पष्ट SOP, दिव्यांग श्रेणी के पदों का सृजन और वर्कचार्ज कर्मियों की पेंशन से जुड़े मामलों पर भी निर्णय लिए गए।

ठेकेदारों को बड़ी राहत

उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2025 के तहत ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों की निविदा सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है, जिससे छोटे ठेकेदारों को अधिक अवसर मिलेंगे।

इन सभी फैसलों को राज्य में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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