ब्रेकिंग न्यूज़
खबर शेयर करे -

भाजपा ने अनुशासनहीनता और जुबानी जंग पर पूर्व मंत्री और दो विधायकों सहित कुल पांच नेताओं का जवाब तलब किया है। पांचों नेताओं को रविवार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।

लोकसभा चुनाव का मतदान संपन्न होने के बाद से ही भाजपा नेताओं के बीच कई स्थानों पर आपसी खींचतान सामने आ रही है।

इस वजह से पार्टी को असहज होना पड़ रहा है। भाजपा को एक अनुशासित पार्टी माना जाता रहा है लेकिन नेताओं के बयानों से लगातार इस अनुशासन की पोल खुल रही है।

ऐसे में अब पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बयानबाजी करने वाले दो विधायकों किशोर उपाध्याय और प्रमोद नैनवाल के साथ ही दायित्वधारी कैलाश पंत, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै और टिहरी के भाजपा नेता खेम सिंह चौहान को इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।

उन्होंने कहा कि पांचों ही नेताओं को बयानबाजी न करने और पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने की हिदायत दी गई है। पार्टी में ऐसी बयानबाजी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रानीखेत और टिहरी के नेताओं में खींचतान भाजपा नेताओं में आपसी खींचतान इस समय सबसे ज्यादा टिहरी और रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में सामने आ रही है।

टिहरी में विधायक किशोर उपाध्याय, पूर्व मंत्री दिनेश धनै और खेम सिंह चौहान ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं तो रानीखेत में विधायक प्रमोद नैनवाल और दायित्वधारी कैलाश पंत के बीच जुबानी जंग चल रही है। माना जा रहा है कि दोनों ही स्थानों पर नेताओं की यह आपसी जंग भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर है।

इससे भाजपा में पहले से ही दावेदारी कर रहे नेताओं के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। इसे देखते हुए भाजपा के पुराने नेताओं और हाल में पार्टी में शामिल नेताओं के बीच राज्य में कई जगह खींचतान की स्थिति बन सकती है।

भाजपा अनुशासन वाली पार्टी है और यहां किसी को भी सार्वजनिक बयानबाजी की छूट नहीं है। जो भी नेता पार्टी गाइड लाइन का उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बयानबाजी करने वाले पांच नेताओं को बुलाया गया है उनका जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

यह भी पढ़ें :  डीएसए नैनीताल के महासचिव बने मनोज जोशी, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
error: Content is protected !!