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भीमताल/ओखलकांडा। पोखरी-क़ुलोरि-नगौनिया-देवलिधार- सुरंग मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं देवलिधार- सुरंग मोटर मार्ग के मिलान हेतु आंदोलनर युवाओं का आमरण अनशन दूसरी सर्द रात भी जारी रहा।

क्षेत्रीय नेताओं को नहीं अपनी ज़िम्मेदारी का एहसास क्षेत्र के विकास हेतु पहाड़ के युवा धरना स्थल पर निर्जल डटे हैं।

चट्टान की तरह। नेताओं के द्वारा तमाम मंचों से क्षेत्र की सबसे बड़ी इस रोड की समस्याओं हेतु घोषणा तो करते हैं।

उसका मक़सद सिर्फ़ वोट प्राप्त करने तक होता है और वोट पाते ही ये नेता उन लोगों को विरोधी कहने लगते हैं।

जो इनको इनके वादे याद दिलाएँ जिसका जीता जागता उदाहरण पोखरी-कुलोरि-नगोनिया-देवलिधार- सुरंग रोड है।

इस रोड के लिए डामरीकरण और आगे मिलान हेतु जिस आंदोलन रत जनता को आश्वासन दिया कि लोकसभा चुनाव के बाद आपकी माँग पूरी की जाएगी।

आप आंदोलन मत करो वो जनता इनकी बात का सम्मान करे और इनको वोट भी दिया और इनको जिताया और ये नेता जीतने के बाद उस जनता को सिर्फ़ कोरे आश्वासन ही देती है।

कोरे आश्वासन में ही वर्षों बिता दिए मगर क्षेत्र की ये बड़ी समश्या आज भी जस की तश बनी हुयी है और स्वाभिभानी लोग अन्न और जल तक त्याग आज सड़कों में हैं।

हम आशा करते हैं कि ज़िम्मेदार लोग अपनी ज़िम्मेदारी को समझें और जनता को सड़कों पर ना आना पड़े।

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