हल्द्वानी। एमआईईटी कुमाऊं कॉलेज द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी दी गई। यह दो दिवसीय सम्मेलन 24 और 25 फरवरी 2025 को आयोजित किया जाएगा।

जिसे उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूएसर्क) के सहयोग से किया गया है सम्मेलन का मुख्य विषय “सतत विकास के लिए कृषि विज्ञान, एसटीईएम और स्वास्थ्य में उभरते रुझान होगा।

कार्यकारी निदेशक डॉ. तरुण सक्सेना, प्रबंध निदेशक डॉ. बी.एस. बिष्ट, एसीआईसी देवभूमि फाउंडेशन के सीईओ डॉ. कमल रावत और मीडिया हेड अजय चौधरी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि इस सम्मेलन का आयोजन कुमाऊं विश्वविद्यालय (नैनीताल), उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (हल्द्वानी), सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (अल्मोड़ा), और हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी (देहरादून) के सहयोग से किया जा रहा है।

इस दौरान मुख्य अतिथि सांसद अजय भट्ट (नैनीताल-उधम सिंह नगर लोकसभा) एवं पूर्व रक्षा राज्य मंत्री, भारत सरकार। गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो. डॉ. सतपाल सिंह, कुलपति, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा,

गेस्ट ऑफ ऑनर प्रो. डॉ. संजय कुमार, निदेशक, उत्तराखंड काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी रहेंगे सम्मेलन में 8 प्रमुख विषयों पर 300 से अधिक शोधार्थी अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे, जबकि 800 से अधिक प्रतिभागी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।

इसके अलावा, 28 प्रमुख वक्ता विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इस सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, चीन, अमेरिका, रूस सहित कई देशों के शोध पत्र शामिल किए गए हैं।

जिससे यह एक वैश्विक स्तर का शैक्षिक मंच बनेगा डॉ. तरुण सक्सेना ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश में हो रहे शोध कार्यों को उत्तराखंड के सतत विकास से जोड़ना है।

इस आयोजन से वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच मिलेगा, जहां वे नवीनतम शोध और खोजों पर विचार-विमर्श कर सकेंगे ।

यह सम्मेलन वैज्ञानिक अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे उत्तराखंड और संपूर्ण देश को नई दिशा और संभावनाएं मिलेंगी।

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