विश्व पर्यावरण दिवस पर कनोली गांव में “गेल-पातल” महोत्सव के आयोजन में मुख्य अतिथि रहे पूर्व मुख्यमंत्री  भगत सिंह कोश्यारी, विधायक  सुरेश गड़िया विशेष अतिथि के रूप में हुए शामिल

 कपकोट(बागेश्वर)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कनोली गांव में पारंपरिक आस्था और पर्यावरण चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। जोहार सांस्कृतिक वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित “गेल-पातल” महोत्सव में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।

यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य पहलुओं को भी छूता दिखा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में  भगत सिंह कोश्यारी (पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड एवं पूर्व राज्यपाल, महाराष्ट्र) उपस्थित रहे।

विशेष अतिथि के रूप में  सुरेश गड़िया, विधायक कपकोट क्षेत्र, ने समारोह की गरिमा को बढ़ाया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9 बजे कलश शोभा यात्रा से हुई, जिसमें ढोल-नगाड़ों के साथ स्कूली बच्चों, पारंपरिक वेशभूषा में सजी स्थानीय महिलाओं और बाहरी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे गांव में शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया।

इसके पश्चात वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें पर्यावरण विषय पर उनकी सृजनात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिली।

इस अवसर पर बागेश्वर क्षेत्र के चिकित्सकों द्वारा एक स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जाँच की गई और नि:शुल्क दवाइयाँ वितरित की गईं।

करीब 1500 लोगों की उपस्थिति वाले इस महोत्सव में ग्रामवासियों द्वारा उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। सभी के लिए सामूहिक भोजन की व्यवस्था रही।

शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई, जिसका संचालन श्री नवीन टोलिया जी के नेतृत्व में हुआ। लोकगीतों और नृत्यों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

विशेष रूप से गांव की महिलाओं ने भी मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए पारंपरिक लोकगीतों से समा बांधा।

ग्रामसभा के सभापति  केदार सिंह कोश्यारी जी ने इस अवसर पर गांव की सार्वजनिक समस्याओं से मुख्य अतिथि को अवगत कराया और उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा।

महोत्सव की सफलता का श्रेय जोहार सांस्कृतिक वेलफेयर सोसायटी, स्थानीय ग्रामवासियों और सभी सहयोगियों को जाता है, जिन्होंने अथक परिश्रम, अनुशासन और सेवा भाव से इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।

जोहार सांस्कृतिक वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष  भूपेन्द्र पांगती, सचिव  धीरेन्द्र पांगती, जोहार मिलन केन्द्र के अध्यक्ष  देवेन्द्र धर्मशक्तू, मल्ला जोहार संगठन के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू, जोहार महिला संगठन की अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा धर्मशक्तू, कनोली गेलपातल संगठन के संरक्षक श्री हरीश धर्मसक्तू, देवेन्द्र धर्मशक्तू, अध्यक्ष  मनोज धर्मशक्तू, उपाध्यक्ष श्रीमती पदवंती धर्मसक्तू सचिव  प्रकाश धर्मशक्तू, संयुक्त सचिव राजेन्द्र धर्मशक्तू, कोषाध्यक्ष  दिनेश धर्मशक्तू, सांस्कृतिक सचिव  बलवंत धर्मशक्तू सभी ने भरपूर योगदान दिया।

श्री कैलाश धर्मशक्तू, लछबू और नवीन टोलिया ने मंच संचालन का काम बखूबी किया।

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