गैरसैंण विधानसभा सत्र से पहले कैबिनेट की अहम बैठक, एकल नारी सम्मान योजना और एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन के गठन को भी हरी झंडी
देहरादून। उत्तराखंड में 27 अक्टूबर से गैरसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य सचिवालय में मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
दोपहर 3:55 बजे शुरू हुई इस बैठक में करीब 26 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा शामिल नहीं हुए।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय करीब 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी देना रहा। सरकार इस बजट को आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखेगी। इसके अलावा शिक्षा, सामाजिक कल्याण, खेल, पर्यटन, सरकारी विभागों के ढांचे में बदलाव और कानूनी संशोधनों से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने की योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय सीमा में बड़ा बदलाव किया है। पहले यह सीमा दो लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब आठ लाख रुपये कर दिया गया है। इससे अधिक परिवारों के पात्र विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग का लाभ मिल सकेगा।
दिव्यांग विद्यार्थियों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांगजनों को पांच अंकों की छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा देने पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के ढांचे के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई।
उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ शब्द को संशोधित कर ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
इसके अलावा समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों में मौजूद लिपिकीय त्रुटि को दूर करने के लिए संशोधन को मंजूरी दी गई। उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अन्नामृत फाउंडेशन को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में सेंट्रल किचन स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
इन सेंट्रल किचन के माध्यम से योजना के तहत भोजन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बनेगा निगम
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को मंजूरी दी है। राज्य में पर्वतीय पर्यटन, ट्रैकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से प्रोत्साहित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी भी दी गई।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के लिए हरिद्वार में दो नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इनमें आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इनके संचालन और अन्य औपचारिकताओं से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
खिलाड़ियों को मुफ्त बस यात्रा, हर जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक
राज्य में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके अलावा प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे। इस निर्णय से जिला स्तर पर खेल प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में कैबिनेट ने मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को भी मंजूरी दी है। यह योजना निराश्रित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाई जा रही है।
हालांकि, योजना के तहत पात्रता, सहायता की राशि और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आने के बाद लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी स्पष्ट होगी।
विधानसभा सत्र से पहले सरकार के अहम फैसले
गैरसैंण में 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले हुई इस बैठक में बजट से लेकर शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक सुधारों तक कई क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। करीब 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को स्वीकृति मिलने के साथ सरकार के आगामी वित्तीय प्रावधानों का रास्ता भी साफ हुआ है।
अब इन फैसलों से जुड़े विधायी प्रस्तावों, बजट प्रावधानों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर विधानसभा सत्र के दौरान नजर रहेगी।

