ब्रेकिंग न्यूज़
हल्द्वानी : महिला के सम्मान पर बुरी नजर डालने वाला विकृतकामी 24 घंटे में चढ़ा पुलिस के हत्थे, रात को दिवाल फांदकर चुराए थे महिला के कपड़े, कपड़े बरामद; महिलाओं के सम्मान से समझौता नहीं, दोषियों को हर हाल में जेल भेजेंगे — एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसीभीमताल : कैबिनेट मंत्री कैड़ा ने भीमताल मै अधिकारियो की ली बैठक, बरसात मै आपदा से आने वाली समस्याओ से निपटने के लिए तैयार रहने के दिए निर्देशहल्द्वानी : धर्म की आड़ में गाली- गलौज और जान से मारने की धमकी, SSP की सख्ती से महाराष्ट्र का आरोपी सलाखों के पीछेप्रेमी संग मिलकर मंगेतर को गहरी खाई में दिया धक्का, 17 करोड़ की शादी से पहले रची हत्या की साजिशमोबाइल की लत बनी जानलेवा! पिता की डांट से नाराज नाबालिग किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान
खबर शेयर करे -

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायतों में आरक्षण प्रस्तावों पर आपत्तियों की भरमार रहीं। 12 जिलों में तीन हजार से अधिक आपत्तियां मिली।

देर रात तक इसके निपटारे के बाद आज आरक्षण प्रस्तावों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
जिसे कल 19 जून को पंचायत निदेशालय और निदेशालय से शासन को उपलब्ध कराया जाएगा।

पंचायतों में आरक्षण प्रस्तावों के आज अंतिम प्रकाशन के बाद आरक्षण की स्थिति साफ हो जाएगी। यह तय हो जाएगा कि ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी के लिए पंचायत पद आरक्षित रहेगा या फिर सामान्य या महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ सकेगी।

त्रिस्तरीय पंचायतों में आरक्षण प्रस्तावों के अनंतिम प्रकाशन के बाद देहरादून जिले में लगभग 302, अल्मोड़ा में 294, पिथौरागढ़ में 277, चंपावत में 337, पौड़ी में 354, रुद्रप्रयाग में 90, चमोली में 213, उत्तरकाशी में 383 और टिहरी में करीब 297 आपत्तियां मिलीं।

आरक्षण प्रस्तावों पर लगी थी इस तरह की आपत्तियां
पंचायत चुनाव में आरक्षण प्रस्तावों पर कुछ ग्रामीणों का कहना था कि उनकी ग्राम पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।

जिसे सामान्य किया जाए। वहीं, कुछ का कहना था कि सामान्य के स्थान पर ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत को एससी, एसटी या ओबीसी के लिए आरक्षित किया जाए।

यह भी पढ़ें :  कर्तव्य निभाते हुए फायरमैन जगजीत सिंह का निधन,एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने परिजनों को बंधाया ढांढस, पुलिस परिवार ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

You missed

error: Content is protected !!