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हल्द्वानी। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद परिवहन विभाग ने मंजली गाड़ियों और स्टेट कैरिज परमिट धारक वाहनों पर सख्ती शुरू कर दी है। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अरविंद कुमार पांडेय ने बताया कि अब इन गाड़ियों में तैनात कंडक्टरों के पास वैध लाइसेंस होना अनिवार्य होगा और उन्हें मोटर वाहन अधिनियम के तहत निर्धारित सभी ड्यूटीज़ का पालन करना होगा। आरटीओ प्रवर्तन ने स्पष्ट किया है कि कंडक्टरों को यात्रियों को टिकट देना, नियमानुसार जिम्मेदारियां निभाना और हर समय वैध लाइसेंस साथ रखना अनिवार्य है।

यदि कोई वाहन संचालक इन नियमों का पालन नहीं करता पाया गया तो उसके खिलाफ न केवल चलानी कार्रवाई होगी, बल्कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार उसका परमिट भी निलंबित कर दिया जाएगा।

परिवहन विभाग ने पूरे कुमाऊं संभाग में विशेष अभियान शुरू कर दिया है और संचालकों से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनकी गाड़ियों में नियुक्त कंडक्टर पूरी तरह नियमों का पालन कर रहे हैं।

विभाग का कहना है कि नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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