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उत्तराखंड में करीब 22 हजार उपनल कर्मचारियों ने देहरादून में परेड ग्राउंड के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदेश भर से आए सैकड़ों उपनलकर्मियों ने आंदोलन शुरू कर दिया है।

उन्होंने सरकार से तत्काल नियमितीकरण के दायरे में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। दून अस्पताल में भी उपनल कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से बिलिंग काउंटर से लेकर पर्चे बनाने के लिए मरीजों की लंबी कतारें लगी।

दून अस्पताल से भी बड़ी संख्या में उपनल से तैनात वॉर्ड बॉय, नर्स ,फार्मासिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर और सफाई कर्मी हड़ताल पर रहे।

करीब डेढ़ सौ से अधिक कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल की व्यवस्थाएं भी चरमराई है।

उपनल कर्मचारी महासंघ ने कहा कि राज्य के सभी विभागों को मिलाकर करीब 22 हजार उपनल कर्मियों ने कार्य बहिष्कार का फैसला लिया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चरणबद्ध तरीके से सभी उपनल कर्मियों को नियमित किए जाने को कहा था।

उसके बावजूद सरकार ने इस आदेश पर अमल करने के बजाय सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार की अपील खारिज कर दी।

आंदोलनकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई बार उपनल कर्मियों के लिए ठोस नियमावली बनाने की बात की है।

उन्हें नियमित सेवा में शामिल किए जाने के लिए योजना पर कार्य किया जा रहा है, लेकिन 8 महीने बीतने के बावजूद अभी तक कर्मियों के लिए कोई भी शासनादेश लागू नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, वन विभाग, सिंचाई विभाग, प्रशासनिक और तकनीकी विभागों और कई सरकारी संस्थानों में तैनात उपनल के कर्मचारी आज से हड़ताल पर हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल उन्हें नियमितीकरण के दायरे में शामिल किए जाने की मांग उठाई है।

बता दें कि उपनलकर्मी कई सालों से विभिन्न विभागों मे तैनात हैं। जो कि अब सरकार से आर पार की लड़ाई के मूड में हैंं।

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