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नैनीताल। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने वानिकी (फॉरेस्ट्री) विषय को यूजीसी नेट परीक्षा में शामिल करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यूजीसी के सचिव श्यामा रथ द्वारा जारी पत्र के अनुसार, जून 2026 में आयोजित होने वाली नेट परीक्षा में वानिकी विषय को आधिकारिक रूप से शामिल किया जाएगा। इसका पाठ्यक्रम भी यूजीसी की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

यह निर्णय यूजीसी की 18 अप्रैल 2026 को आयोजित 597वीं बैठक में लिया गया।

बैठक में 8 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता डॉ. शेर सिंह सामंत (फेलो ऑफ नेशनल अकादमी एवं पूर्व निदेशक, एचएफआरआई शिमला) ने की। समिति ने पांच बैठकों के बाद वानिकी विषय का पाठ्यक्रम तैयार किया।

बताया गया कि इस विषय को नेट में शामिल करने की मांग कूटा (KUTA) द्वारा कई बार उठाई गई थी।

अब इस निर्णय से विशेष रूप से हिमालयी राज्यों के छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही, इससे वन संरक्षण के क्षेत्र में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वानिकी विषय को हिमालयी क्षेत्र के महाविद्यालयों में भी शुरू किए जाने की आवश्यकता है।

इस निर्णय पर डॉ. बी.एस. कालाकोटी और प्रो. ललित तिवारी ने यूजीसी का आभार व्यक्त करते हुए समिति के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. सामंत और सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया है।

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