ब्रेकिंग न्यूज़
कालाढूंगी में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत हुआ ध्वजारोहण, मनोज पाठक ने विद्यार्थियों को दिलाया राष्ट्रनिर्माण का संकल्पकुमाऊँ विश्वविद्यालय में ‘एंजेल इन्वेस्टर्स एंड वेंचर कैपिटल फंडिंग’ विषय पर ऑनलाइन व्याख्यान, 50 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सामानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना कमजोरी नहीं, जागरूकता और साहस की निशानी: प्रो. नीता बोरानगर पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटनी ने DRM वीना सिन्हा से लालकुआं की जनसमस्याओं पर की वार्ता, रेलवे क्रॉसिंग पुल और टेंपो स्टैंड का मुद्दा उठादिल्ली में सांसद अनिल बलूनी से गौरव गोस्वामी ने की शिष्टाचार मुलाकात, 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर हुआ मंथन
खबर शेयर करे -

नैनीताल। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान नैनीताल द्वारा राजकीय माध्यमिक विद्यालय के कला शिक्षकों हेतु आर्ट एवं क्राफ्ट कार्यशाला 9 दिसंबर से 12 दिसंबर तक आयोजित की गई ।

विद्यालयों में कार्यरत कल शिक्षकों को कला क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से अवगत कराने हेतु कार्यशाला उत्तराखंड में प्रथम बार आयोजित हुई ।

कार्यशाला में प्रिंट मेकिंग के विभिन्न चरणों में कार्य करते हुए छापा मशीन से विभिन्न तरीकों जिंक प्लेट पर उभारी गई कलाकृतियों को प्रिंटिंग करने की बारीकियो को सिखाया गया।

प्रत्येक प्रतिभागी शिक्षक शिक्षिकाओं ने अपनी कल्पना और सृजनात्मक क्षमता से जिंक प्लेट ,रबर ,फाइबर वुड सामग्री पर कलाकृतियां निर्मित की ।

इनमें विभिन्न रंगों, बिट्यूमिन , ऑयल ,ग्रीस , एसिड ,पानी के समायोजन से बनी कलाकृतियो को प्रिंटिंग मशीन में सेट कर प्रिंट निकाली ।

तृतीय एवं चतुर्थ दिवस में चिकनी मिट्टी से ढांचा तैयार कर पी ओ पी का फर्मा बनाया गया तदोपरात उसकी मिट्टी निकालकर उसमें POP को डालकर POP की ही मूर्ति तैयार की सभी प्रतिभागियों को । प्रतिभागियों ने फीडबैक में बताया कि इस क्रियात्मक कार्य में आनंद आया ।।

भारत सरकार ललित कला अकादमी पुरस्कार से सम्मानित विशेषज्ञ कलाकार एवं रंगीत आर्ट सेंटर के मुख्य प्रशिक्षक कुसुम पांडे रितिका भट्ट ,मूर्तिकार विष्णु तिवारी मेकिंग हेमंत कश्यप ने अपनी प्रतिभा से कार्यशाला को जीवंत और सफल बनाया । कुसुम पाण्डेय ने कला के क्षेत्र में विद्यार्थियों के करियर के विभिन्न अवसर की जानकारी दी ।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ ज्योतिर्मय मिश्र ने बताया कि उत्तराखंड में डायट द्वारा कला शिक्षकों के लिए यह प्रथम बार नवाचारी कार्यशाला आयोजित की गई है । 

मनोज चौधरी ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण ,प्रसार के लिए इस विधा को उपयोगी बताया ।

कार्यक्रम समापन सत्र में प्राचार्य सुरेश चंद्र द्वारा प्रमाण पत्र वितरित कर विद्यार्थियों के आत्मनिर्भर बनने के लिए कला को उपयोगी बताया ।

विशेषज्ञ का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में डॉ विनीत वैरागी, डॉ आरती , अमरजीत चौधरी ,ललित प्रसाद तिवारी , राजेश जोशी डॉ विमल किशोर डॉ आरती जैन डॉ डॉ शैलेंद्र सिंह धपोला डॉ प्रेम सिंह मावड़ी रेखा तिवारी डॉ संजय गुरुरानी आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें :  हल्द्वानी : महापौर गजराज सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में नगर निगम बोर्ड की बैठक सम्पन्न, 15 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

You missed

error: Content is protected !!