कुख्यात विनय त्यागी को रुड़की कारागार से पेशी पर लक्सर ले जा रहे पुलिस के वाहन पर बाइक सवार बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की। जानलेवा हमले में विनय त्यागी को तीन गोलियां लगी हैं।
गंभीर हालत में त्यागी को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। हमले में दो पुलिसकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।
घटना के बाद बदमाशों की धरपकड़ के लिए जिले भर में कांबिंग की गई। पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुजफ्फरनगर के गांव खाईखेड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी को बीते एक अक्टूबर को देहरादून पुलिस ने लाखों की नकदी और जेवर चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था।
हरिद्वार में पहले से दर्ज मुकदमों के चलते उसे 12 दिसंबर को रुड़की कारागार में शिफ्ट किया गया था। बुधवार दोपहर एक पुलिस टीम उसे पेशी पर लक्सर कोर्ट ले जा रही थी।
छह पुलिसकर्मी टाटा सुमो वाहन में विनय त्यागी के साथ सवार थे। लक्सर में रेलवे ओवरब्रिज पर पुलिस का वाहन जाम में फंस गया।
उसी दौरान बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने पुलिस के वाहन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले के बाद बदमाश असलहा लहराते हुए भाग निकले।
एसपी देहात शेखर सुयाल, सीओ नताशा सिंह और कोतवाल राजीव रौथाण सहित मंगलौर, पथरी और खानपुर थाने की पुलिस भी मौके पर आ गई। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने भी अस्पताल पहुंचकर बदमाश से पूछताछ की।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि हमला सुनियोजित था। इसके पीछे पुरानी रंजिश भी हो सकती है और गैंगवार की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।
कुख्यात विनय त्यागी को पहले से ही अपने ऊपर जानलेवा हमले का अंदेशा था। उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर जान का खतरा जताया था।
कोर्ट के आदेश पर पेशी के दौरान कचहरी परिसर में पुलिस बल तैनात किया था। बदमाशों ने कचहरी पहुंचने से पहले रास्ते में ही विनय त्यागी पर हमला कर दिया।





