उधम सिंह नगर। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत अब पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक अरविंद पांडेय का गूलरभोज स्थित निर्माण भी कार्रवाई के दायरे में आ गया है। तहसील प्रशासन ने उनके आवास पर नोटिस तामील कर 15 दिवस के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटाने के निर्देश दिए हैं।

मंगलवार शाम तहसील के कानूनगो भगत सिंह और हल्का लेखपाल जितेंद्र कुमार विधायक के आवास पहुंचे। विधायक की अनुपस्थिति में उनके पुत्र अतुल पांडेय को नोटिस सौंपा गया। नोटिस के अनुसार, उच्च न्यायालय नैनीताल में दायर याचिका संख्या 192/2024 (एमएस) सुनील यादव बनाम उत्तराखंड सरकार में 26.12.2024 को पारित आदेश के अनुपालन में जांच की गई, जिसमें ग्राम गूलरभोज के खाता संख्या 64, खसरा संख्या 12ग, रकबा 0.158 हेक्टेयर, श्रेणी 5-1 (नई परती) की राजकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण चिन्हित पाया गया।

नोटिस में शीर्ष न्यायालय की सिविल याचिका संख्या 295/2022 (दिनांक 13.11.2024), सिविल याचिका संख्या 1294/2020 (दिनांक 06.11.2024) तथा उच्च न्यायालय नैनीताल की याचिका संख्या 192/2024 (दिनांक 26.12.2024) में पारित आदेशों का हवाला देते हुए चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त किया जाएगा।

नोटिस की सूचना मिलते ही विधायक के समर्थकों का उनके आवास पर जमावड़ा लग गया। इस संबंध में अतुल पांडेय ने 11 वर्ष बाद अतिक्रमण का संज्ञान लेने पर तहसील प्रशासन को साधुवाद दिया। वहीं, विधायक अरविंद पांडेय से संपर्क की कोशिशें असफल रहीं।

हालांकि, इंटरनेट मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक अरविंद पांडेय ने कहा कि वे प्रशासन की कार्रवाई का शत-प्रतिशत पालन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिन्हित अतिक्रमण कोई व्यावसायिक भवन नहीं, बल्कि टीनशैड है, जिसे प्रशासन जब चाहे ध्वस्त कर सकता है।

साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि इस कार्रवाई की आड़ में किसी गरीब का आशियाना न उजड़े। इस मौके पर रुद्रपुर के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी मौजूद रहे।

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