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देहरादून। फरवरी माह से उत्तराखंड में राशन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। जिन राशन कार्ड धारकों ने अब तक ई-केवाईसी (e-KYC) नहीं कराई है, उनका 1 फरवरी से राशन वितरण बंद किया जा सकता है।
प्रदेश में फिलहाल करीब 10 लाख राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी लंबित है। इसके अलावा जिन कार्डधारकों के पास चार पहिया वाहन, सरकारी नौकरी है या जिनकी आय तय सीमा से अधिक पाई गई है, उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया है। ऐसे अपात्र कार्डधारकों का राशन वितरण भी 1 फरवरी से रोक दिया जाएगा।
50 हजार राशन कार्ड रद
खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा अब तक 50 हजार राशन कार्ड रद किए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो उच्च आय वर्ग में आने के बावजूद सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे थे। अब इन कार्डधारकों को आगे राशन सुविधा नहीं मिलेगी।
गेहूं-चावल के साथ दाल और नमक भी मिलेगा
सरकार की नई योजना के तहत आगामी माह से गेहूं-चावल के साथ दाल और नमक भी राशन में शामिल किए जाने की तैयारी है।
ई-केवाईसी अनिवार्य
राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है।
31 जनवरी तक जिन राशन कार्डों में सभी सदस्यों का आधार आधारित सत्यापन पूरा नहीं होगा, वे 1 फरवरी के बाद अमान्य माने जाएंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में ई-केवाईसी बनी चुनौती
उत्तराखंड के दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों में अब भी बड़ी संख्या में ई-केवाईसी लंबित है। इसे देखते हुए खाद्य एवं पूर्ति विभाग ने समय रहते प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती ने बताया कि
“सभी राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी कार्डधारक को परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। अभियान की समय-सीमा बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर बातचीत जारी है।”

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