नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर स्थित रसायन विज्ञान विभाग की शोध छात्रा आभा ने अपनी पीएचडी की अंतिम मौखिक (वाइवा-वोसे) परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न की। यह परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. राजीव सखूजा ने बाह्य विशेषज्ञ (एक्सटर्नल एग्जामिनर) के रूप में शोध कार्य का मूल्यांकन किया।

परीक्षा का संचालन रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. नंद गोपाल साहू की अध्यक्षता में किया गया। आभा ने प्रो. गीता तिवारी के निर्देशन में “एसेंशियल ऑयल कंपोजीशन एंड एंटीऑक्सीडेंट पोटेंशियल ऑफ राइजोम ऑफ जिंजिबर ऑफिसिनेल एंड हेडीकियम स्पिकैटम अंडर डिफरेंट ड्राइंग कंडीशंस” विषय पर अपना शोध कार्य पूरा किया।

शोध में अदरक (Zingiber officinale) और हेडीकियम स्पिकैटम (कपूर कचरी) के प्रकंदों (राइजोम) के आवश्यक तेलों की संरचना तथा विभिन्न सुखाने की परिस्थितियों में उनके एंटीऑक्सीडेंट गुणों का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। यह शोध औषधीय एवं सुगंधित पौधों के उपयोग और उनके औषधीय महत्व को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आभा को अपने शोध कार्य के लिए डीएसटी (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) की प्रतिष्ठित वूमेन साइंटिस्ट फेलोशिप भी प्राप्त हुई थी, जिससे उनके शोध को विशेष प्रोत्साहन मिला।

इस अवसर पर विभाग के डॉ. महेश आर्य, डॉ. पेनी जोशी, डॉ. ललित मोहन, डॉ. दीपशिखा जोशी, डॉ. आंचल अनेजा, मनीषा जोशी, आयशा तथा श्रेय जकारिया सहित विभाग के शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।

वहीं, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) के अध्यक्ष प्रो. ललित तिवारी ने आभा को पीएचडी की अंतिम परीक्षा सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को नई पहचान दिलाते हैं।

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