अखिलेश यादव के कथित बयान पर भड़की पहाड़ी आर्मी, हल्द्वानी में फूंका पुतला; उत्तराखंड के स्वाभिमान का मुद्दा उठाया
हल्द्वानी। उत्तराखंड के लोगों को कथित तौर पर घुसपैठिया कहे जाने के बयान को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी पर पहाड़ी आर्मी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
रविवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में पहाड़ी आर्मी के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव का पुतला दहन कर उनके बयान के प्रति आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे उत्तराखंड के लोगों के सम्मान, अस्मिता और पहाड़ के स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया।
पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड के संस्थापक हरीश रावत ने जारी सूचना में कहा कि उत्तराखंड के लोगों को लेकर की गई कथित टिप्पणी प्रदेशवासियों के सम्मान और स्वाभिमान पर चोट पहुंचाने वाली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने अपनी अलग पहचान, संस्कृति और अधिकारों के लिए लंबे संघर्ष किए हैं। ऐसे में प्रदेश के लोगों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य आंदोलन के संघर्षों का भी किया जिक्र
विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू भी शामिल हुए। उन्होंने वर्ष 1994 के उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर हुए अत्याचारों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन लंबे संघर्ष, आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान के बाद हुआ है। राज्य आंदोलन के इतिहास और आंदोलनकारियों के संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि उत्तराखंड की जनता के सम्मान और पहचान से जुड़े मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता बरतनी चाहिए। उन्होंने प्रदेशवासियों की अस्मिता और स्वाभिमान के प्रति सम्मान बनाए रखने की मांग भी उठाई।
बुद्ध पार्क में पुतला दहन कर जताया विरोध
अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी के विरोध में पहाड़ी आर्मी की ओर से रविवार दोपहर 12 बजे हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में पुतला दहन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए उत्तराखंड के लोगों के सम्मान की रक्षा का मुद्दा उठाया।
इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड की अस्मिता और पहाड़ के स्वाभिमान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध के स्वर तेज होते नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के लोगों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

