नाबालिग बच्चों को वाहन देना पड़ सकता है भारी, बच्चों की सुरक्षा को लेकर SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. की भावुक अपील
कुमाऊं द्वार महोत्सव-2026 के मंच से अभिभावकों और युवाओं को दिया सड़क सुरक्षा का संदेश, बोले—किसी के घर का चिराग बुझता है तो बहुत दुख होता है
हल्द्वानी। विगत दिनों हल्द्वानी के तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और नाबालिग बच्चों को वाहन देने की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे से आहत नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कुमाऊं द्वार महोत्सव-2026 के मंच से अभिभावकों और युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न दें। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली जनहानि केवल एक व्यक्ति का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए ऐसा दुख है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
एसएसपी ने अपने संबोधन में हादसों के दर्द को साझा करते हुए कहा कि ऐसे भयावह दृश्य देखने के बाद रात को नींद तक नहीं आती। जब किसी परिवार के घर का चिराग बुझता है, तो बेहद दुख होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन्हें कम उम्र में दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति बिल्कुल न दें।
नाबालिग बच्चों को वाहन देने से बचें अभिभावक
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने कहा कि कई बार अभिभावक बच्चों की जिद या सुविधा के चलते उन्हें वाहन की चाबी सौंप देते हैं, लेकिन यह छोटी-सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बच्चों को वाहन देने के बजाय उन्हें बस, ऑटो या परिवहन के अन्य सुरक्षित साधनों से उनके गंतव्य तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह समझना होगा कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी सुविधा या जल्दबाजी से अधिक महत्वपूर्ण है। यातायात नियमों का पालन करना और निर्धारित उम्र से पहले वाहन न चलाना सड़क सुरक्षा की बुनियादी शर्तें हैं।
युवाओं की रफ्तार पर रखें नजर
एसएसपी ने युवाओं से भी अपील की कि वे सड़क पर तेज रफ्तार, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी से बचें। वाहन चलाते समय अपनी और दूसरों की जान की जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वाहन सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्पीड गवर्नर, डैशकैम और जीपीएस जैसे उपयोगी सुरक्षा उपायों पर भी ध्यान दें।
उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क पर कुछ मिनट बचाने के लिए तेज रफ्तार से वाहन चलाना किसी भी लिहाज से समझदारी नहीं है। वाहन चलाते समय संयम, सतर्कता और नियमों का पालन ही सुरक्षित यात्रा का आधार है।
एक छोटी-सी लापरवाही उजाड़ सकती है परिवार की खुशियां
एसएसपी की अपील का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों और युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने संदेश दिया कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना परिवार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है।
हल्द्वानी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद एसएसपी की यह भावुक अपील हर अभिभावक के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। वाहन चलाने की उम्र, यातायात नियमों और गति सीमा का ध्यान रखकर कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
संदेश साफ है—बच्चों की जिद के आगे उनकी जिंदगी को दांव पर न लगाएं। नाबालिगों को वाहन न दें, तेज रफ्तार से बचें और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें, क्योंकि आपकी एक छोटी-सी सावधानी किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है।

