नैनीताल के नैनीताल के बलियाखान में पहली बार हिमांशु पांडे के सहयोग से नशे से दूर रहने के लिए 3 किलोमीटर मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया
रिपोर्टर गुड़डू सिंह ठठोला
कुमाऊं आईजी निवेदिता कुकरेती ने किया फ्लैग ऑफ, अर्जुन बोरा पुरुष वर्ग में रहे प्रथम, गीतांजलि मेहता ने महिला वर्ग में मारी बाजी
नैनीताल। नैनीताल से करीब 10 किलोमीटर दूर वल्दियाखान में फिट इंडिया अभियान और नशामुक्त समाज के संकल्प के साथ पहली बार मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को खेलों एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस दौड़ में ग्रामीण क्षेत्रों के धावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ कुमाऊं परिक्षेत्र की आईजी निवेदिता कुकरेती ने किया।
पटवाडांगर से वल्दियाखान तक आयोजित तीन किलोमीटर की इस मिनी मैराथन में युवाओं का जोश और उत्साह देखते ही बना। प्रतिभागियों ने दौड़ के माध्यम से फिट रहने, अनुशासन अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। प्रतियोगिता में अर्जुन बोरा ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि बसंत मेहरा दूसरे और हिमांशु रौतेला तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में गीतांजलि मेहता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। मैराथन के समापन पर आईजी निवेदिता कुकरेती ने विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ें युवा : आईजी निवेदिता कुकरेती
इस अवसर पर आईजी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि नशे का बढ़ता प्रभाव युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए चिंता का विषय है। युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें नशे से बचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान दो महत्वपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करते हैं। पहला, लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और दूसरा, बच्चों एवं युवाओं को खेलकूद तथा शारीरिक गतिविधियों से जोड़ना।
उन्होंने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली में बच्चे और युवा मोबाइल फोन, वीडियो गेम तथा अन्य डिजिटल गतिविधियों में अधिक समय बिताने लगे हैं। ऐसे में उन्हें खेलों के प्रति प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी विकसित करते हैं। खेल गतिविधियों से जुड़कर युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं।
युवाओं में प्रतिस्पर्धा और आगे बढ़ने की भावना विकसित करना उद्देश्य
आयोजकों के अनुसार, मिनी मैराथन का उद्देश्य केवल दौड़ प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि पैदा करना और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना भी है। प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से वे अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
आयोजकों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों और युवाओं को मोबाइल फोन तथा नशे की प्रवृत्ति से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित किया जा सकेगा। भविष्य में यही युवा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर क्षेत्र और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
हिमांशु पांडे के सहयोग से हुई पहल
वल्दियाखान में हिमांशु पांडे के सहयोग से पहली बार आयोजित इस तीन किलोमीटर की मिनी मैराथन को नशामुक्त समाज और स्वस्थ युवा पीढ़ी की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीण धावकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बनाया। आयोजन के माध्यम से संदेश दिया गया कि नशे से दूरी, नियमित व्यायाम और खेलों से जुड़ाव स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मिनी मैराथन के जरिए आयोजकों ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों और खेल गतिविधियों में लगाएं। साथ ही अभिभावकों और समाज के लोगों से भी बच्चों को खेलों के लिए प्रोत्साहित करने तथा उन्हें नशे से दूर रखने में सहयोग देने का आह्वान किया गया।
वल्दियाखान में आयोजित यह मिनी मैराथन फिट इंडिया और नशामुक्त समाज के संदेश के साथ संपन्न हुई। आयोजन ने ग्रामीण क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया।

