उर्मिला सनावर ने मीडिया की मौजूदगी में नार्को टेस्ट कराने की रखी मांग, अदालत में दोनों ने जताई सहमति; कथित वायरल ऑडियो-वीडियो की जांच के बीच VIP कनेक्शन को लेकर बढ़ी हलचल

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP कनेक्शन की जांच के बीच एक नया घटनाक्रम सामने आया है। मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के समक्ष महत्वपूर्ण जानकारी सामने लाने के दावों के बीच पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने नार्को एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने पर सहमति जताई है। दोनों शुक्रवार, 23 अक्टूबर को देहरादून स्थित विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (CBI) की अदालत में पेश हुए। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।

इस घटनाक्रम के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, दोनों की सहमति के बावजूद परीक्षण कब और किन शर्तों पर होंगे, इस संबंध में अंतिम निर्णय होना बाकी है। वहीं, उर्मिला सनावर की ओर से नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट मीडिया की मौजूदगी में कराने की मांग ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।

उर्मिला सनावर का दावा है कि उनके पास इस मामले से जुड़ी कुछ अतिरिक्त जानकारियां हैं और परीक्षण के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उनका कहना है कि वह चाहती हैं कि मामले से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक हों, ताकि अंकिता भंडारी हत्याकांड के उन पहलुओं पर भी स्पष्टता आ सके, जिनको लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, मीडिया की मौजूदगी में नार्को टेस्ट कराने की उनकी मांग को लेकर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस तरह के परीक्षणों की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी और चिकित्सकीय नियमों के तहत संचालित होती है। इसलिए परीक्षण के दौरान मीडिया को मौजूद रहने की अनुमति मिलेगी या नहीं, यह संबंधित प्राधिकरण और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार तय होगा।

कथित वायरल ऑडियो-वीडियो से फिर उठा VIP कनेक्शन का सवाल

अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP कनेक्शन का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। हाल के दिनों में कथित ऑडियो और वीडियो क्लिप सामने आने के बाद इस मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है।

इन रिकॉर्डिंग को लेकर विभिन्न दावे किए जा रहे हैं और मामले से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इन्हीं दावों के बीच CBI की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसी को कथित रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता, उनमें कही गई बातों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के दावों की स्वतंत्र साक्ष्यों के आधार पर पड़ताल करनी होगी।

यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी वायरल ऑडियो या वीडियो में किसी व्यक्ति का नाम आने अथवा किसी के आरोप लगाने मात्र से उसकी आपराधिक भूमिका साबित नहीं होती। रिकॉर्डिंग की सत्यता और उसमें मौजूद दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

हालांकि, उनकी ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच के लिहाज से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह संबंधित एजेंसी के सामने कौन-सी जानकारी या साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं और उनका कथित वायरल रिकॉर्डिंग से क्या संबंध सामने आता है।

CBI के सामने अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इन दावों और उपलब्ध सामग्रियों से कोई नया, स्वतंत्र और कानूनी रूप से प्रासंगिक साक्ष्य मिलता है या नहीं।

क्या होता है नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट?

नार्को एनालिसिस और पॉलीग्राफ दोनों अलग-अलग प्रकार की जांच प्रक्रियाएं हैं। इन्हें लेकर अक्सर आम लोगों के बीच कई तरह की धारणाएं रहती हैं, लेकिन इन परीक्षणों के परिणामों को अपने-आप अंतिम सच नहीं माना जा सकता।

इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। अंकिता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों को सख्त सजा और कथित VIP की भूमिका की जांच की मांग उठाई थी।

इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को आरोपी बनाया गया था।

26 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी नजरें

शुक्रवार को अदालत में हुई पेशी के बाद अब 26 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस दौरान नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए जताई गई सहमति तथा उनसे जुड़ी प्रक्रियात्मक शर्तों पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

उर्मिला सनावर की मीडिया की मौजूदगी में परीक्षण कराने की मांग, सुरेश राठौर की ओर से चिकित्सकीय जांच की बात और दोनों के जांच में सहयोग करने के दावे के बीच यह देखना अहम होगा कि संबंधित प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

फिलहाल, कथित VIP कनेक्शन को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच में सामने आने वाले स्वतंत्र साक्ष्य, कथित रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और अदालत के समक्ष रखे जाने वाले तथ्यों से ही इस मामले के शेष सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Advertisement
यह भी पढ़ें :  रामलीला में दशरथ के पुत्र वियोग और केवट की भक्ति ने दर्शकों को किया भाव-विभोर, नम हुईं श्रद्धालुओं की आंखें

You missed

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.