दीप प्रज्वलन के साथ कुमाऊं द्वार महोत्सव का आगाज, प्रीतम भरतवाण समेत कई हस्तियां पहुंचीं
खुशी जोशी और गोविंद दिगारी के आयोजन में सजेगा लोक संस्कृति का मंच, हल्द्वानी में महोत्सव शुरू
लोक संस्कृति, लोककलाओं और उत्तराखंड की गौरवशाली परंपराओं को समर्पित महोत्सव; खुशी जोशी, गोविंद दिगारी और पद्मश्री प्रीतम भरतवाण समेत कई हस्तियां रहीं मौजूद
हल्द्वानी। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और लोककलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ।
उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने सहभागिता करते हुए दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक इसे पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया गया।
महोत्सव को प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और पारंपरिक लोककलाओं को व्यापक मंच प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, लोक संगीत, पारंपरिक कलाओं और गौरवशाली परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। साथ ही युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा भी मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराएं हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इनका संरक्षण करना और इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कुमाऊं द्वार महोत्सव जैसे आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम करते हैं, बल्कि स्थानीय कलाकारों, लोकगायकों, हस्तशिल्पियों और पारंपरिक कला से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच भी उपलब्ध कराते हैं।
महोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए सुप्रसिद्ध लोकगायिका खुशी जोशी और लोकगायक गोविंद दिगारी सहित समस्त लोक कलाकारों को सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। लोक कलाकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके प्रयासों से लोकगीतों, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक एवं पद्मश्री सम्मान से सम्मानित प्रीतम भरतवाण की उपस्थिति भी आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा लोकप्रिय ब्लॉगर सौरभ जोशी अपनी पत्नी के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। महोत्सव में अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भी उपस्थिति रही।
कुमाऊं द्वार महोत्सव-2026 को स्थानीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार, कलाकारों को प्रोत्साहन और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।
ऐसे सांस्कृतिक मंचों से जहां उत्तराखंड की लोक परंपराओं को नई ऊर्जा मिलती है, वहीं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलती है।

