नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण अब भीड़ प्रबंधन, यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने अधिकारियों को अगले 15 दिनों के भीतर कैंची धाम में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रवेश और निकासी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के अनुसार हाल ही में महज तीन दिनों के भीतर करीब 1.30 लाख श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे। सामान्य वीकेंड पर जहां करीब 21 से 25 हजार श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है, वहीं बीते वीकेंड यह संख्या बढ़कर करीब 40 हजार तक पहुंच गई। जून से कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
भीड़ का पहले से लगाया जाएगा अनुमान
बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन अब श्रद्धालुओं के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल की तैयारी कर रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से प्रशासन को पहले से यह अनुमान लगाने में मदद मिलेगी कि किसी खास दिन कैंची धाम में कितने श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से केवल श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान ही नहीं लगाया जाएगा, बल्कि क्षेत्र में उपलब्ध ठहरने की क्षमता का भी बेहतर आकलन किया जा सकेगा। इससे अधिक भीड़ वाले दिनों में प्रशासन यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की पहले से बेहतर योजना बना सकेगा।
कैंची धाम क्षेत्र में 20 हजार बेड, 1019 होमस्टे
प्रशासन के मुताबिक कैंची धाम और आसपास के क्षेत्र में करीब 20 हजार बेड की ठहरने की क्षमता उपलब्ध है। इसके अलावा क्षेत्र में 1019 होमस्टे भी संचालित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन अब उपलब्ध आवासीय क्षमता और संभावित भीड़ के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दे रहा है।
इस व्यवस्था से यह भी पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी विशेष दिन क्षेत्र में ठहरने की क्षमता के मुकाबले कितने श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। इससे अचानक बढ़ने वाली भीड़ के दौरान व्यवस्थाओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वीकेंड पर अलग होगी एंट्री और एग्जिट व्यवस्था
श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर कैंची धाम में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर के साथ ही आसपास की सड़कों पर भीड़ के दबाव को कम करना है।
विशेष रूप से शनिवार और रविवार जैसे व्यस्त दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर प्रशासन इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करेगा। इससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
जरूरत के अनुसार लागू होगा नो-एंट्री और वन-वे
कैंची धाम क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार नो-एंट्री और वन-वे व्यवस्था भी लागू की जाएगी। अधिक भीड़ वाले दिनों में वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर जाम की स्थिति से बचने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य केवल श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराना ही नहीं, बल्कि कैंची धाम और आसपास के मार्गों पर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखना है। इसके लिए भीड़ के संभावित दबाव के आधार पर पहले से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा।
बढ़ती लोकप्रियता के बीच व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता के साथ यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में प्रशासन अब भीड़ बढ़ने के बाद व्यवस्थाएं संभालने के बजाय पहले से भीड़ का अनुमान लगाकर तैयारी करने पर जोर दे रहा है।
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं की संख्या, ठहरने की क्षमता, प्रवेश-निकासी, यातायात और पार्किंग समेत सुरक्षा व्यवस्था को एक-दूसरे से जोड़कर काम करने की तैयारी है। अगले 15 दिनों में एंट्री और एग्जिट व्यवस्था को लेकर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को उम्मीद है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, अलग प्रवेश-निकासी मार्ग और जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्जन जैसी व्यवस्थाएं लागू होने के बाद कैंची धाम में बढ़ती भीड़ को अधिक व्यवस्थित तरीके से संभाला जा सकेगा।

