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देहरादून। मौसम विभाग का मानना है कि फरवरी के पहले सप्ताह में भी कई बार बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना यह भी है कि बारिश और बर्फबारी से तापमान पर कुछ ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और मैदान से लेकर पहाड़ तक लोगों को सूखी ठंड से राहत मिलेगी।

बुधवार को उत्तरकाशी, चकराता समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई तो पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के चेहरे पर चमक देखने को मिली। फरवरी के पहले सप्ताह में भी 2500-3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में एक से डेढ़ फीट तक की बर्फबारी होने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा, जिस दिन बारिश-बर्फबारी होगी सिर्फ उसी दिन तापमान में गिरावट दर्ज होगी। मौसम साफ होने वाले दिन अधिकतम तापमान सामान्य से दो-तीन डिग्री अधिक ही रहेगा। यही वजह रही कि बुधवार को बर्फबारी होने के बावजूद मैदानी इलाकों में गलन वाली ठंड नहीं हुई। दून का अधिकतम तापमान में भी एक डिग्री गिरावट के साथ 20.4 डिग्री रिकार्ड किया गया।

उत्तरकाशी, चमोली सहित कई जिलों में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी

प्रदेश में एक फरवरी (बृहस्पतिवार) को बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले में कही-कही भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा अन्य जिलों में बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि होने की संभावना है। दो फरवरी को मौसम साफ रहेगा। तीन फरवरी की रात मौसम एक बार फिर करवट लेगा और चार-पांच फरवरी को बारिश-बर्फबारी की संभावना है। पांच फरवरी के बाद प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा।

कोहरे से मिलेगी राहत

ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश-बर्फबारी होने से मैदानी इलाकों में कोहरे से राहत मिलेगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फरवरी के पहले सप्ताह में अगर उत्तर-पश्चिम हवाओं की गतिविधि तेज रही तो ठंड का अहसास होगा, नहीं तो तापमान में कोई खास कमी देखने को नहीं मिलेगी।

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