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देहरादून। नवनियुक्त मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का कहना है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनका मानना है कि प्रदेश में यूसीसी लागू होने के बाद राज्य की सभी बहनों को समानता का अधिकार मिलेगा।

महिला मुख्य सचिव बनाए जाने को वह नारी शक्ति का सम्मान बताती हैं। वह राज्य की लोक परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रबल हिमायती हैं।

वह कहती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री धामी के विजन के अनुरूप प्रदेश का प्रशासनिक तंत्र एक टीम की तरह उत्तराखंड को देश का सर्वोच्च राज्य बनाने के लिए आगे बढ़ेगा।

समान नागरिक संहिता को पास कराना हमारे सामने सबसे बड़ा मुद्दा है। यूसीसी की विशेषज्ञ समिति दो फरवरी को मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा। उसका एक विधेयक बनेगा। यह विधेयक पांच फरवरी से आठ फरवरी तक बुलाए गए विधानसभा सत्र के दौरान पास कराना हमारे लिए सबसे अहम चुनौती होगी।

मुख्यमंत्री का जो यह निर्णय है, निश्चित रूप से महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति का सम्मान है। प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए राज्य भर में कार्यक्रम कर रही हैं।

सरकार की योजनाएं महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही हैं। उत्तराखंड की बेटियां खुद को किसी से कम न समझें। सभी बेटियों को अपना ऊंचा लक्ष्य रखना चाहिए, निश्चित रूप से उन्हें उनका मुकाम मिलेगा।

हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए कार्य करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री भी पीएम के विजन के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि मुख्यमंत्री का मूल मंत्र है। हम इस मूल मंत्र पर एक टीम के रूप में कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप समाज के लिए अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम होगा।

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