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पीजी डॉक्टर तन्वी सुसाइड केस: मौत से पहले भेजा ऑडियो, बोलीं– “पापा अब सहन नहीं हो रहा”

देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज की पीजी डॉक्टर तन्वी की आत्महत्या का मामला लगातार गहराता जा रहा है।

अब इस मामले में एक अहम ऑडियो सामने आया है, जिसे तन्वी ने आत्महत्या से पहले अपने पिता को भेजा था। करीब आधे घंटे के इस ऑडियो में वह बेहद परेशान और मानसिक तनाव में नजर आ रही हैं।

ऑडियो में तन्वी अपने विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता से कहती सुनाई दे रही हैं, “मैम, आप बताओ मैं किस-किस को खुश करूं और कैसे… मैंने ऐसा कुछ नहीं किया।” वह यह भी कहती हैं कि उन्होंने कभी क्लास मिस नहीं की और किसी के काम में दखल नहीं देती थीं, फिर भी उन पर दबाव बनाया जा रहा था।

तन्वी ने आत्महत्या से पहले अपने पिता ललित मोहन से भी करीब एक घंटे तक बात की थी। पिता के अनुसार, 24 मार्च की रात करीब 9 बजे बेटी का फोन आया, जिसमें वह बेहद परेशान थी और बार-बार कह रही थी, “पापा अब सहन नहीं हो रहा।” पिता ने उसे समझाने की कोशिश की और अगले दिन देहरादून आने की बात कही।

रात करीब सवा 11 बजे तन्वी ने अपनी मां को मैसेज किया कि वह डेढ़ घंटे में घर पहुंचेगी, लेकिन इसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं हुआ। चिंतित परिजन रात करीब ढाई बजे देहरादून पहुंचे और तलाश शुरू की। पेट्रोल पंप के पास तन्वी की कार खड़ी मिली, जिसमें वह ड्राइविंग सीट पर बेसुध पड़ी थी।

पिता ने बताया कि तन्वी के हाथ में कैनुला लगा था और करीब 100 एमएल की बोतल खाली हो चुकी थी। शीशा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने मामले में डीन और मेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए हैं और विभागाध्यक्ष के साथ तन्वी के व्यवहार व परिस्थितियों को लेकर पूछताछ जारी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कैनुला और अन्य सामग्री कहां से लाई गई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ की निगरानी में एक जांच कमेटी गठित की जाएगी, जो तन्वी की मेडिकल हिस्ट्री और उपचार से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में जहर की पुष्टि हुई है और विसरा सुरक्षित रखा गया है।

वहीं, कॉलेज प्रशासन ने भी विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि डॉ. तन्वी लंबे समय से मानसिक उपचार ले रही थीं और पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थीं। उन्होंने दो साल पहले और 31 दिसंबर 2025 को भी ऐसा कदम उठाने की कोशिश की थी।

इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक होनहार पीजी डॉक्टर को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा। पुलिस और प्रशासन अब हर पहलू से मामले की गहन जांच में जुटे हैं।

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