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देहरादून। लंबे समय से चल रहे लोक निर्माण विभाग (PWD) के बहुचर्चित भ्रष्टाचार मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। Central Bureau of Investigation (CBI) की विशेष अदालत ने करीब 55 लाख रुपये के घोटाले में दोषी पाए गए 8 सरकारी कर्मचारियों को सजा सुनाई है।

अदालत ने सभी दोषियों को 2-2 वर्ष की सख्त कैद के साथ कुल 2.85 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला कई वर्षों पुराना है, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप सामने आए थे।

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों में अनियमितताएं कीं, जिससे राज्य को आर्थिक नुकसान पहुंचा। मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) द्वारा की गई थी, जिसमें कई अहम सबूत जुटाए गए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया।

लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि सरकारी पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। साथ ही, ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के लिए कड़ा संदेश है।

इस फैसले को राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। फिलहाल सभी दोषियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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