नैनीताल। डीएसबी परिसर के वनस्पति विज्ञान विभाग में आज सुमति राठौर की पीएचडी की अंतिम मौखिक परीक्षा (वाइवा) ऑनलाइन माध्यम से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शैलेंद्र गोयल ने बाह्य परीक्षक (एक्सपर्ट) के रूप में वाइवा संचालित किया।

सुमति राठौर ने “इंडीजिनस नॉलेज एंड ट्रेडिशनल प्रैक्टिसेज ऑफ फ्लोरिस्टिक डायवर्सिटी बाय द नेटिव कम्युनिटी इन कुल्लू डिस्ट्रिक्ट, हिमाचल प्रदेश, नॉर्थ वेस्ट हिमालय” विषय पर अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया, जिसमें हिमालयी क्षेत्र की पारंपरिक वनस्पति ज्ञान और जैव विविधता पर विशेष अध्ययन किया गया है।

विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी की देखरेख में आयोजित इस परीक्षा में सुमति ने अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यह शोध कार्य फैलो ऑफ नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज डॉ. एस.एस. सामंत एवं कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ललित तिवारी के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर विभाग के डॉ. एस.एस. बरगली, डॉ. सुषमा टम्टा, डॉ. नीलू, डॉ. अनिल बिष्ट, डॉ. कपिल, डॉ. प्रभा पंत, डॉ. नवीन पांडे, डॉ. हेम जोशी, डॉ. हर्ष, विशाल बिष्ट, लता नितवाल, वसुंधरा सहित अनेक शोध छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने सुमति राठौर को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना 

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