राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य का बड़ा हमला: मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू को बताया ‘जिला बदर’, अंकिता प्रकरण पर विपक्ष को घेरा
गिरधारी लाल साहू को लेकर दिनेश आर्य ने किए गंभीर दावे, अंकिता भंडारी प्रकरण पर विपक्ष पर परिवार को उकसाकर राजनीति करने का लगाया आरोप
हल्द्वानी। नवनियुक्त राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य रविवार को हल्द्वानी पहुंचे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान राजनीतिक मुद्दों पर मीडिया से बातचीत करते हुए दिनेश आर्य ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनके बयान के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
गिरधारी लाल साहू पर दिनेश आर्य का तीखा हमला
राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य ने गिरधारी लाल साहू को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि गिरधारी लाल साहू बरेली में जिला बदर हैं और इसी वजह से वह नैनीताल जिले में शरण लिए हुए हैं। दिनेश आर्य ने साहू के चरित्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके बारे में लोग अच्छी तरह जानते हैं।
सांसद के इस बयान ने रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, जिला बदर होने संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड और गिरधारी लाल साहू का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
हल्द्वानी दौरे के दौरान दिनेश आर्य ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाकर इस्तेमाल कर रहा है और मृतका के परिवार को उकसाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
अंकिता भंडारी प्रकरण उत्तराखंड में लंबे समय से संवेदनशील और चर्चित मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में इस मामले पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी लगातार देखने को मिलता रहा है। दिनेश आर्य ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस प्रकरण में राजनीति करने के बजाय पीड़ित परिवार की भावनाओं और मामले की संवेदनशीलता का सम्मान किया जाना चाहिए।
बयानों से प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल
राज्यसभा सांसद दिनेश आर्य के इन बयानों के बाद रेखा आर्य–गिरधारी लाल साहू विवाद और अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ने की संभावना है। एक ओर सांसद ने गिरधारी लाल साहू को लेकर गंभीर दावे किए, वहीं दूसरी ओर अंकिता भंडारी मामले में विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़े किए।
अब इस पूरे मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और लगाए गए आरोपों की पुष्टि को लेकर नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में इन बयानों पर विपक्ष तथा अन्य राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने पर प्रदेश की सियासत में बहस और तेज हो सकती है।

