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दिल्ली से पिथौरागढ़ जा रही पिथौरागढ़ डिपो की बस चंपावत-टनकपुर हाईवे पर सिन्याड़ी के पास ब्रेक फेल होने से सड़क पर पलट गई। हादसे में तीन यात्री घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।

सोमवार को पिथौरागढ़ डिपो की बस (यूके 07 पीए 3201) दिल्ली से आने के बाद टनकपुर से पिथौरागढ़ की तरफ जा रही थी। बस में 26 यात्री सवार थे। सिन्याड़ी क्षेत्र में पहुंचने पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। चालक चंद्र सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह को इसका अंदेशा हो गया।

जब यात्रियों को इस बारे में पता चला तो चीखपुकार मच गई। चालक ने तीव्र ढलान पर सूझबूझ दिखाते हुए बस को कंट्रोल कर खाई में जाने से बचा लिया। इसके बाद सड़क किनारे पड़े मिट्टी के ढेर से टकराकर बस को रोका लेकिन बस पलट गई।

हादसे में बस में सवार इंद्रा राठौर, कल्पना सिंह और हेमा तिवारी निवासी पिथौरागढ़ मामूली रूप से घायल हो गए। तीनों को सरकारी अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि अन्य यात्रियों को हादसे के कुछ दूर बाद दूसरी बस से पिथौरागढ़ के लिए रवाना किया गया।

हादसे की सूचना पर चल्थी चौकी प्रभारी निर्मल लटवाल टीम के साथ मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया।दुर्घटनाग्रस्त हुई रोडवेज बस में पहले से ही खराबी आ गई थी। चालक चंद्र सिंह के अनुसार टनकपुर से निकलने के बाद कुछ दूरी पर बस का करंट बंद हो गया था।

इसके बाद बैग से तार निकालकर करंट दिया गया, तब जाकर बस आगे बढ़ी। फिर जब सिन्याड़ी क्षेत्र में एक पुल के पास एक वाहन को पास दिया तो एक बड़ा बैंड काटते समय ब्रेक लगाने पर ब्रेक पैडल अंदर ही घुस गया।

बस के आगे सरिया का ट्रक चल रहा था जिसमें से सरिया बाहर की तरफ निकली हुई थीं। किसी तरह बचते हुए आगे बढ़े तो सामने नीचे की तरफ से दो ट्रक आ गए।

चालक ने बताया कि स्थिति को भांपते हुए यात्रियों से सीट को कस कर पकड़ने की सलाह दी और बस को सड़क किनारे पड़ी मिट्टी के ढेर से टकरा दिया और बस पलटकर रुक गई।

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चालक ने बताया कि अगर सीधे ही बस चलती रहती तो सीधे खाई में गिर जाती। चालक की सूझबूझ की यात्रियों ने सराहना की है।

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