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मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए फर्जी प्रमाण पत्र का मामले में गलत पते और कूटरचित दस्तावेजों का खुलासा, अधिवक्ता समेत पांच पर मुकदमा

रुद्रपुर/बाजपुर। मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल का मामला अब ऊधम सिंह नगर जिले तक पहुंच गया है। बाजपुर तहसील क्षेत्र में प्रशासनिक जांच के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों में दर्ज पते गलत पाए गए।

प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान संबंधित पते पर अभ्यर्थी नहीं मिले और दस्तावेजों की जांच में भी अनियमितताएं सामने आईं।

इसके बाद प्रशासन ने संबंधित प्रमाण पत्रों को निरस्त करते हुए एक अधिवक्ता समेत पांच लोगों के खिलाफ बाजपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

डीएम के निर्देश पर शुरू हुई प्रमाण पत्रों की जांच

जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर के निर्देश पर 23 सितंबर 2026 को मेडिकल कॉलेजों से सत्यापन के लिए प्राप्त प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कराई गई। बाजपुर तहसील से संबंधित प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम गठित की गई।

टीम ने प्रमाण पत्रों में दर्ज पतों पर पहुंचकर मौके पर जांच की। जांच के दौरान संबंधित अभ्यर्थी उन पतों पर नहीं मिले, जिनका उल्लेख उनके प्रमाण पत्रों में किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने प्रमाण पत्रों के साथ संलग्न दस्तावेजों की भी गहनता से जांच कराई।

दस्तावेजों के सत्यापन में सामने आई अनियमितता

प्रशासन के मुताबिक, संबंधित दस्तावेजों का विभिन्न विभागों से सत्यापन कराया गया। जांच में गलत पते और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र तैयार कराए जाने की बात सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभ्यर्थियों के परिजनों और अन्य लोगों को तहसील कार्यालय बुलाया।

अपर जिलाधिकारी, एसडीएम बाजपुर, तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में परिजनों तथा अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए। जांच और पूछताछ के बाद जिन प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई, उन्हें निरस्त कर दिया गया।

अधिवक्ता समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा

मामले में प्रशासन की ओर से बाजपुर कोतवाली में श्याम बिहारी भोजवाल निवासी पीलीभीत, शिवम माथुर निवासी बरेली, अर्चना पत्नी आशीष भारद्वाज निवासी बाजपुर और रोहित निवासी बाजपुर के साथ एक अज्ञात अधिवक्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस अब पूरे प्रकरण में प्रमाण पत्र तैयार कराने, दस्तावेज उपलब्ध कराने और उनके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

पहले जारी प्रमाण पत्रों का भी होगा दोबारा सत्यापन

मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने अब पहले जारी किए गए प्रमाण पत्रों की भी दोबारा जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन के दौरान यदि किसी अन्य प्रमाण पत्र में भी गलत पता, कूटरचित दस्तावेज अथवा गलत साक्ष्य के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर को भेजी जा रही है। प्रशासन की ओर से दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।

देहरादून में भी सामने आ चुका है ऐसा मामला

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल का मामला इससे पहले देहरादून जिले में भी सामने आ चुका है। वहां स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे से एमबीबीएस में प्रवेश के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाने का प्रकरण सामने आया था। इस मामले में अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए गए थे और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

अब ऊधम सिंह नगर के बाजपुर में सामने आए नए मामले के बाद मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमाण पत्रों की जांच और सत्यापन को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले से जुड़े दस्तावेजों, आरोपियों की भूमिका और प्रमाण पत्र तैयार कराने की प्रक्रिया की जांच कर रहे हैं।

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